आपदा संबंधी संदेश

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
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विशाल भूक्षेत्र, बढ़ती जनसंख्या और विकासशील देश का दर्जा होने के साथ भारत प्राकृतिक मानव निर्मित आपदाओं के प्रति अति संवेदनशील है। हमारी 57 प्रतिशत भूमि भूकंपों के लिए संवेदनशील है जिसमें से 12 प्रतिशत भूमि भीषण भूकंपों की संभावनाओं का सामना कर रही है।

12 प्रतिशत भूमि बाढ़ और आठ प्रतिशत भूमि चक्रवातों को लेकर संवेदनशील बनी रहती है। देश के सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण के लिए आपदा प्रबंधन बहुत महत्वपूर्ण है। सरकार भूकंप, सुनामी और आकस्मिक बाढ़ जैसी आपदाओं से निपटने की तैयारियों में सुधार के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के साथ काम कर रही है।

मंगलवार को आपातकालीन स्थिति में मोबाइल पर संदेश भेजने के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और दूरसंचार विभाग की ओर से एक परीक्षण किया गया। देश भर में मोबाइल उपभोक्ताओं को जुलाई, अगस्त और सितंबर में इसी तरह आपदा संबंधी परीक्षण संदेश प्राप्त हुए थे। आपदा प्रबंध के लिए व्यापक और योजनाबद्ध दृष्टिकोण की आवश्यकता है। सभी प्रकार की आपदाओं को रोका तो नहीं जा सकता परंतु समय पर कार्रवाई किए जाने से निश्चित तौर पर मानवीय वेदना कम होती है और अत्यधिक अपेक्षित आवश्यकताओं की पूर्ति होती है। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) राष्ट्रीय स्तर पर आपदा प्रबंधन कार्यों का समन्वय करता है जबकि राज्य स्तरीय गतिविधियों के लिए राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण समन्वय करते हैं।

एनडीएमए देश की कई हिमनद झीलों में प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली लगाने की योजना बना रहा है। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन सेवाएं (एनडीएमएस) के तहत संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी उप प्रभाग ने एक प्रायोगिक परियोजना शुरू की है जो फेसबुक, ट्वीटर और यू-ट्यूब जैसे सोशल मीडिया अकाउंट का रखरखाव करता है। एनडीएमएस प्रायोगिक परियोजना के अधीन, 120 स्थानों पर आपदा प्रबंधकों को विश्वसनीय दूरसंचार अवसंरचना उपलब्ध करवाने के प्रयास किए जा रहे हैं जो कि वी-सैट संचार का प्रयोग करेंगे और उनके समर्थन के लिए टेरेस्ट्रियल नेटवर्क तथा एचएफ रेडियो होगा।

यह परियोजना भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) कार्यान्वित कर रहा है। ताकि भविष्य में आपातकालीन समय के बारे में लोगों को जानकारी देने की जरूरत पड़े तो तकनीक का इस्तेमाल कर लोगों को संदेश दिया जा सके। भूकंप, बाढ़, आकाशीय बिजली के साथ ही किसी अन्य आपदा के समय, समय से मोबाइल पर संदेश मिल जाने के बाद लोग सुरक्षित स्थान पर पहुंच जाएंगे। ऐसे में जनहानि और नुकसान में कमी आएगी तथा लोगों को राहत मिलेगी। ये आपदा संबंधी संदेश जीवन बचाने में काफी मददगार हो सकता है।