बरेली: पंजीकृत से अधिक संख्या में सड़कों पर दौड़ रहे स्कूली वाहन, खतरे के बीच स्कूल-कॉलेज जा रहे छात्र

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। शहर में पंजीकृत से अधिक संख्या में स्कूली वाहन सड़कों पर दौड़ रहे हैं। नियम के खिलाफ स्कूली वाहनों में छात्रों को ठूंसकर स्कूल ले जाया जा रहा है। जिससे कभी भी हादसा हो सकता है। अधिकारी स्कूली वाहनों के खिलाफ अभियान के नाम पर सिर्फ खानापूरी कर रहे हैं।

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जिले में 1 से 4 सितंबर तक अभियान में 85 स्कूली वाहनों को चेक किया गया। जिसमें से नौ वाहनों की फिटनेस समाप्त मिली थी। वहीं 14 वाहन मानक के अनुरूप नहीं पाए गए थे, जबकि दो वाहन ओवरलोड पाए गए। 25 वाहनों का चालान करके पांच वाहनों को सीज किया गया था। इसके बाद अभियान नहीं चला तो बड़े पैमाने पर नियत ताक पर रखकर स्कूली वाहन से छात्रों को कॉलेज पहुंचाया जा रहा है।

484 वाहन पंजीकृत, दौड़ रहे एक हजार से अधिक वाहन
स्कूल और कॉलेज के लिए 484 वाहन पंजीकृत हैं, सड़कों पर एक हजार से अधिक छोटे और बड़े स्कूली वाहन दौड़ रहे है। कई वाहन चालकों ने सिर्फ पीला रंग कराकर बिना पंजीकरण कराए ही घरों से बच्चों को लाने और ले जाने का सिलसिला शुरू कर दिया है। वहीं अवैध तरीके से ऑटो और ई रिक्शा से भी बच्चों को स्कूल ले जाया जा रहा है।

क्षमता से अधिक बैठाते हैं बच्चे
नियमों को ताक पर रखकर अधिकांश वाहन चालक छात्रों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं। नियमानुसार वैन में पांच से छह और ऑटो में चार से पांच बच्चों को बैठा सकते हैं, लेकिन अधिकांश ऑटो चालक 10 से 12 बच्चों को बैठा रहे हैं। इसके अलावा न तो इन वाहन चालकों ने अपने वाहनों में सुरक्षा उपकरण लगवाए हैं और न ही जाली लगवाई गई है।

लगातार स्कूली वाहनों को चेक करने के लिए अभियान चलाया जाता है। अब एक बार फिर से स्कूली वाहनों की चेकिंग के लिए टीम का गठन किया जएगा। मानक पूरे नहीं होने पर वाहनों पर कार्रवाई की जाएगी---दिनेश कुमार सिंह, आरटीओ प्रवर्तन।

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