मुरादाबाद मंडल की जनता को मिला गजेटियर, 50 लोगों ने छह महीने में किया तैयार...मिलेगी ऐतिहासिक जानकारी

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Edited By Amrit Vichar
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मुरादाबाद, अमृत विचार। मंडल का पहला गजेटियर का पंचायत भवन में रविवार को मंडलायुक्त आंजनेय कुमार सिंह ने बड़ी उत्साह के साथ विमोचन किया। विमोचन कार्यक्रम में मंडल आयुक्त के आलावा प्रशासन के आला अधिकारी समेत प्रतिनिधि, कवि , लेखक और समाजसेवी मौजूद रहे। वहीं, गजेटियर को 50 लोगों ने छह महीने की अथक प्रयास के बाद तैयार किया गया है। इसे तैयार होने से जहां लोगों को अपने मंडल की सटीक जानकारी उपलब्ध होगी और साथ ही ऐतिहासिक ,सांस्कृतिक , धार्मिक ,भौगोलिक जानकारी भी मिलेगी। इस वजह से लोग अपने महानगर को सही तरीके सेपहचान सकेंगे।

प्रदेश स्तर पर अभी किसी भी जनपद का गजेटियर तैयार नहीं किया गया। लेकिन, अब मुरादाबाद एक मात्र मंडल बन चुका हैं, जिसने अपने महानगर को न केवल गजेटियर तैयार किया बल्कि उसका विमोचन भी किया है।  कार्यक्रम में आयुक्त आंजनेय कुमार ने बताया कि मंडल के पांचों जनपद मुरादाबाद, बिजनौर, अमरोहा, संभल और रामपुर की पूरी जानकारी प्राप्त करने के लिए गजेटियर का निर्माण किया गया है।

मंडल की  ऐतिहासिक,सांस्कृतिक , धार्मिक ,भौगोलिक संरचना और आर्थिक विकास के साथ- साथ विभिन्न विभूतियों ,कलाओं और तथ्यों या आंकड़ों को सही जानकारी को दर्शाया गया है। इसमें सभी विभागों और उनके आंकड़े और जानकारी लेने के बाद उनकी भिन्नता को ठीक करते हुए उसे तार्किक कसौटी पर परखने के बाद गजेटियर में जगह दी गयी है। सभी आंकड़ों को हर तरह से कसौटी पर आंकने के बाद पारदर्शी तरीके से उन्हें मिलाकर गजेटियर में शामिल किया गया है ताकि गजेटियर पूर्ण रूप से त्रुटी विहीन हो और जनता इसका इस्तेमाल एक दस्तावेज़ के रूप में कर सके।

गजेटियर को तैयार करने के लिए लगभग 50 से अधिक कुशल अधिकारियों को लगाया गया है और सभी विभागों से उनके आंकड़े मंगवा कर आंकड़ों को दूसरे विभागों से तुलनात्मक तरीके से जांच किया गया है। गाँवो से लेकर शहरों तक का इतिहास उसकी प्रमाणिकता और उनके विकास की यात्रा का भी विवरण गजेटियर में आपको पढने को मिलेगा। इस गजेटियर में मुरादाबाद के शिल्प गुरु पद्मश्री दिलशाद हुसैन , संभल के हरी हर मंदिर, रामपुर की रज़ा लाइब्रेरी का भी विशेष उल्लेख किया गया है। मुरादाबाद जनपद का आखरी बार गजेटियर 1968 में प्रकाशित हुआ था। लेकिन 55 साल के बाद अब मुरादाबाद के लोगों को गजेटियर मिला है। 

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