बरेली: धान में नमी से उड़ी किसानों की नींद...करनी पड़ रही चौकीदारी
17 प्रतिशत तक की छूट शासन से तय, मंडी में 22 से 25 फीसदी नमी वाला धान लेकर पहुंच रहे किसान
फोटो- डेलापीर मंडी में धूप में सुखाया जा रहा धान।
बरेली, अमृत विचार। जिले में समर्थन मूल्य पर शुरू हुई धान की खरीद गति नहीं पकड़ रही है। नमी अधिक होने की वजह से मंडी में धान लेकर पहुंचने वाले किसानों को अधिक नमी की वजह से तीन से चार दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है। नमी कम करने के लिए किसान दोपहर में धान सुखा रहे हैं तो वहीं, रात में उनको चौकीदारी भी करनी पड़ रही है।
जिले में 3 अक्टूबर से सात एजेंसियों के 151 क्रय केंद्रों पर धान की खरीद शुरू की गई थी। दूसरे सप्ताह में भी धान की आवक रफ्तार नहीं पकड़ सकी। विभागीय आंकड़ों के अनुसार 79 केंद्रों पर अब तक 177 किसानों से 844 मीट्रिक टन धान की खरीद की जा सकी है।
72 केंद्रों पर धान का एक दाना तक नहीं खरीदा जा सका। अफसरों का कहना है कि सरकारी मानक के अनुसार खरीद के लिए धान में 17 प्रतिशत तक नमी होनी चाहिए, लेकिन 22 से 25 प्रतिशत नमी वाला धान मंडी में आ रहा है और सरकारी केंद्रों पर नहीं बिक पा रहा है।
डेलापीर मंडी में मिले सीबीगंज के राजेंद्र ने बताया कि मंडी में धान लेकर आए हुए तीन दिन हो गए हैं, लेकिन नमी अधिक होने के चलते धान की खरीद न होने के कारण मंडी में ही बैठना पड़ रहा है। बुधौली के सुरजीत ने बताया कि 100 क्विंटल धान लेकर शुक्रवार को आए थे। नमी 22 फीसदी होने की वजह से मंडी में धान सुखा रहे हैं। 17 फीसदी तक नमी पहुचंने पर धान की बिक्री कर सकेंगे।
किसान सुखा कर लाएं नमी वाला धान
मंडी में ज्यादा नमी के चलते किसानों का धान बाजार में 1600 से 1700 रुपये प्रति क्विंटल तक बिक रहा है, जबकि सरकारी मूल्य सामान्य धान का 2183 और ग्रेड ए धान का 2203 रुपये प्रति क्विंटल है। 1600 रुपये में धान बेच कर किसान को प्रति क्विंटल लगभग छह सौ रुपये का नुकसान हो रहा है। जबकि अगर किसान धान को सुखाकर बेचें तो सिर्फ 200 रुपये की सूख जाएगी।
धान को सुखाने के बाद भी लगभग चार सौ रुपये प्रति क्विंटल का फायदा होगा। आरएमओ सचिन कुमार ने कहा कि किसान धान को सुखाकर और साफ-सुथरा धान क्रय केंद्रों पर लाएं। 22 प्रतिशत नमी वाले धान को सुखाकर 17 प्रतिशत नमी पर लाता है तो भी प्रति क्विंटल लगभग 10 किलो ही धान घटेगा। ऐसे में भी किसान फायदे में रहेगा।
सरकारी केंद्रों पर धान बेचने के लिए अब तक 13200 किसानों ने पंजीकरण कराया है। अधिकांश किसान मानक से अधिक नमी वाला धान केंद्रों पर लेकर पहुंच रहे हैं। जिसके चलते केंद्रों पर खरीद भी कम हुई है। जिले को 1.81 लाख मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य दिया गया है, जिसे पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है--- कमलेश पांडेय- डिप्टी आरएमओ।
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