कृषि क्षेत्र से संबंधित दो महत्वपूर्ण विधेयक लोकसभा में पास

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नई दिल्ली। कृषि क्षेत्र से संबंधित दो महत्वपूर्ण विधेयकों को लोकसभा ने आज ध्वनिमत से मंजूरी दे दी। कृषक उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सरलीकरण) विधेयक, 2020 और कृषक (सशक्तिकरण और संरक्षण) कीमत आश्वासन और कृषि सेवा पर करार विधेयक, 2020 पर एक साथ करीब चार घंटे हुई चर्चा का जवाब देते हुये कृषि …

नई दिल्ली। कृषि क्षेत्र से संबंधित दो महत्वपूर्ण विधेयकों को लोकसभा ने आज ध्वनिमत से मंजूरी दे दी। कृषक उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सरलीकरण) विधेयक, 2020 और कृषक (सशक्तिकरण और संरक्षण) कीमत आश्वासन और कृषि सेवा पर करार विधेयक, 2020 पर एक साथ करीब चार घंटे हुई चर्चा का जवाब देते हुये कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि दोनों विधेयक किसानों के हित में हैं और इनका विरोध काल्पनिक तथा राजनीतिक हो सकता है, लेकिन जमीन से जुड़ा कतई नहीं है।

उन्होंने कहा “यह किसान को बाँधने वाला नहीं, उसे आजादी देने वाला विधेयक है।” विपक्षी दलों के सदस्यों के साथ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार के घटक दल शिरोमणि अकाली दल ने भी विधेयक का विरोध किया और सदन के बाहर पार्टी की सदस्य तथा खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया। विपक्ष और शिरोमणि अकाली दल का आरोप था कि इस विधेयक से किसान बर्बाद हो जायेंगे।

उन्होंने कहा कि कृषि राज्य सूची का विषय है और केंद्र सरकार को इस पर कानून बनाने का कोई अधिकार नहीं है। विधेयक का समर्थन करने वाले कई सदस्यों ने भी न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की गारंटी सुनिश्चित करने का प्रावधान विधेयक में ही करने की मांग की।

तोमर ने आश्वस्त किया कि उपज की खरीद पहले की तरह एमएसपी पर होती रहेगी। करार से संबंधित विधेयक के बारे में उन्होंने कहा कि यह किसी कॉर्पोरेट की आमदनी बढ़ाने के लिए नहीं, किसान की आमदनी बढ़ाने के लिए है। इसमें प्रावधान है कि किसी भी सूरत में किसानों की जमीन की खरीद का करार नहीं किया जा सकेगा। जमीन पर किसान का मालिकाना हक बना रहेगा।

कृषि उपज के व्यापार एवं वाणिज्य संबंधी विधेयक के बारे में तोमर ने कहा कि इससे प्रतिस्पर्द्धा बढ़ेगी जिसका लाभ किसानों को मिलेगा। मंडी का लाइसेंस राज और भ्रष्टाचार समाप्त होगा तथा किसान को कहीं भी अपनी उपज बेचने और व्यापारी को कहीं भी व्यापार करने की छूट मिलेगी।

कृषि मंत्री ने किसानों से किसी भ्रम में नहीं आने की अपील की। उन्होंने कहा “मैं पूरी जिम्मेवारी के साथ कह सकता हूं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रहते गाँव, गरीब और किसान का अहित न हुआ है और न कभी होगा।”

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