बरेली: ...ताे मनरेगा में बिना सत्यापन फर्माें को भुगतान, अब आया हटाने का ध्यान, जानिए मामला

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उपायुक्त श्रम रोजगार के कार्यालय से बिना सत्यापित वेंडर को डिलीट करने के लिए शासन को भेजी ई-मेल

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अनुपम सिंह, बरेली। जिले में मनरेगा के तहत ग्राम पंचायतों में काम करने वाली फर्माें (वेंडर) को वेबसाइट से डिलीट कराने के लिए उपायुक्त श्रम रोजगार कार्यालय ने शासन को ईमेल की है। लंबे समय तक काम करने वाली इन फर्माें को अब हटाकर जिम्मेदार अपनी गर्दन बचाना चाहते हैं। हालांकि, जिम्मेदार इस मसले पर कोई सही जवाब नहीं दे पा रहे हैं। वहीं ईमेल भेजने के तीन महीने बाद भी वेबसाइट से फर्में नहीं हटाई गई हैं।

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जिले में 15 ब्लॉक में मनरेगा के तहत काम होता है। श्रमांश के तहत मनरेगा में मजदूरों का भुगतान किया जाता है। वहीं निर्माण सामग्री की खरीदारी का भुगतान सामग्री अंश के रूप में किया जाता है। खरीदारी के लिए फर्माें का रजिस्ट्रेशन विभाग की वेबसाइट पर होना अनिवार्य है।

इसका ऑनलाइन भुगतान किया जाता है। कई जगहों पर ऐसे मामले सामने आए, जिसमें पाया गया कि फर्माें का रजिस्ट्रेशन है, लेकिन मौके पर संबंधित दुकानें नहीं पाई गईं। शासन ने फर्मों के सत्यापन का आदेश साल 2020 में दिया था लेकिन विभागीय जिम्मेदारों ने इसको गंभीरता से नहीं लिया और काफी संख्या में बिना सत्यापित फर्में काम करती रहीं।

तीन साल बाद 1 जुलाई 2023 को उपायुक्त श्रम रोजगार के कार्यालय से शासन को पत्र भेजकर बिना सत्यापन के वेबसाइट पर पंजीकृत सभी फर्माें को डिलीट करने के लिए ई-मेल किया है, इससे इसमें नियमों की अनदेखी हुई है, इस बात को पूर्णतय: खारिज नहीं किया जा सकता है।

डीएम की सत्यापित फर्माें को न हटाएं...
उपायुक्त श्रम रोजगार कार्यालय की ओर से शासन को भेजी गई ई-मेल में कहा गया कि डीएम की ओर से सत्यापन रिपोर्ट पर की गई संस्तुति वाली फर्माें को विभाग की वेबसाइट से न डिलीट किया जाए। उन फर्माें के नाम समेत बकायदा संख्या भी भेजी गई है। जानकारों के अनुसार, ऐसी फर्माें की संख्या 129 है। विभाग के लोगों ने बताया कि जरूरी नहीं कि डीएम की संस्तुति वाली फर्माें का सत्यापन भी हुआ होगा या नहीं।

ई-मेल भेजने की एक वजह यह भी
सूत्रों की माने तो ई-मेल भेजकर वेबसाइट पर ऑनलाइन दिख रहीं फर्माें को डिलीट कराने के पीछे एक वजह यह भी है कि वेंडरों के हट जाने से इस बात की जानकारी नहीं हो सकेगी कि, कौन सी फर्म सत्यापित है या कौन नहीं, इससे बाद में कोई समस्या नहीं होगी। इसके साथ ही दोबारा से सभी को नई फर्म के लिए आवेदन कर सत्यापन के साथ रजिस्ट्रेशन कराना होगा।

इस मामले में उपायुक्त श्रम रोजगार मो. हबीब अंसारी ने बताया कि बिना सत्यापन वाली फर्माें को डिलीट करने के लिए भेजी गई ई-मेल की जानकारी नहीं है। ईमेल कब भेजी गई, किसने भेजी, हमें तो इस बारे में कोई जानकारी नहीं है।

हाईलाइटर-
-3000 के करीब फर्में विभाग की वेबसाइट पर।
-2188 फर्में ही सक्रिय रहीं।
-812 फर्में पूरी तरह से निष्क्रिय रहीं।
-1956 फर्में बिना जीएसटी पंजीकरण के।

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