Mission shakti campaign : अष्टमी पर साकार हुई मिशन महिला सारथी योजना 

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Edited By Amrit Vichar
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दो वर्ष पूर्व अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर पड़ी थी नींव

अयोध्या, अमृत विचार। प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना मिशन शक्ति अभियान के चौथे चरण में मुख़्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरयू के तट स्थित रामकथा पार्क पर शारदीय नवरात्र के अष्टमी तिथि को परिवहन निगम के मिशन महिला सारथी योजना का समारोहपूर्वक शुभारंभ किया। हालांकि परिवहन निगम ने यह महत्वाकांक्षी योजना दो वर्ष पूर्व तैयार की थी और अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर इसकी नींव पड़ी थी। योजना को वर्ष 2024 के जनवरी माह में लागू होना था।   
 
महिलाओं और बालिकाओं के सुरक्षा, स्वाभिमान और स्वावलंबन को लेकर प्रदेश की सत्ता पर काबिज होने के बाद भाजपा के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने  मिशन शक्ति अभियान का शुभारंभ किया था। अभियान के तहत विभिन्न चरणों में महिलाओं और बालिकाओं के लिए विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम, महिलाओं के लिए संचालित केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं तथा विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों का प्रचार-प्रसार किया गया। थानों पर महिला हेल्प डेस्क स्थापित हुई। शारदीय नवरात्र से इस मिशन का चौथा चरण शुरू किया गया है और इस चरण में मुख्यमंत्री ने स्वयं परिवहन निगम की महिला स्टाफ युक्त 11 बसों समेत कुल 51 को हरी झंडी दिखाई और मिशन महिला सारथी योजना का शुभारंभ किया। 

विभागीय जानकारों के मुताबिक मुख्यमंत्री की घोषणा के तहत परिवहन निगम ने पिंक बसों के संचालन के लिए उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के सहयोग से नौ विभिन्न डिपो से महिला चालक पद पर आवेदन हासिल कर अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 8 मार्च 2021 को कानपुर स्थित मॉडल ड्राइविंग ट्रेनिंग एन्ड रिसर्च इंस्टीयूट में 27 महिलाओं का प्रशिक्षण शुरू कराया गया था। योजना के तहत इन महिलाओं को 9 मार्च 2021 से 24 जुलाई 2021 तक लाइट मोटर व्हीकल ड्राइवर लेवल-3 की ट्रेनिंग कराई जानी थी, लेकिन कोविड के चलते 25 मार्च से 11 जुलाई तक प्रशिक्षण स्थगित रहा। इनमें से 24 को ही एलएमवी लाइसेंस मिल पाया और 22 फरवरी 2022 से दूसरे चरण कामर्शियल मोटर व्हीकल ड्राइवर लेवल-4 का प्रशिक्षण शुरू हुआ तथा 15 मई को पूरा होने के बाद 21 को कामर्शियल लाइसेंस मिला तथा मोटर वाहन कौशल विकास परिषद ( एएसडीसी) दिल्ली की टीम ने परीक्षण ले सफल घोषित किया। जिसके बाद निगम ने सभी को प्रशिक्षु चालक के पद पर तैनात कर 17 सप्ताह की ट्रेनिंग पर भेज दिया। विभिन्न डिपो सहायक चालक के रूप में सेवा दे रही इन्हीं महिला कर्मियों को रोडवेज बसों की स्टेयरिंग थमाई गई है। एआरएम अयोध्या डिपो आदित्य प्रकाश का कहना है डिपो को कोई महिला चालक नहीं मिली है।  

योजना तो पिंक बस सेवा के लिए बनाई गई थी
परिवहन निगम में मिशन महिला सारथी योजना प्रदेश सरकार की ओर से महिलाओं को केंद्र में रखकर शुरू की गई पिंक बस सेवा के मद्देनजर तैयार की गई थी। महिलाओं के स्वावलंबन का संदेश देने तथा यात्रा करने वाली महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षित परिवेश उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने प्रदेश की राजधानी लखनऊ से विभिन्न मार्गों पर इन बसों का संचालन शुरू किया था। हालांकि परिवहन निगम में कोई महिला चालक उपलब्ध न होने के चलते पिंक बसों के संचालन में केवल महिला परिचालकों की ही ड्यूटी लगाई गई थी, लेकिन भविष्य में पिंक बसों का संचालन करने के लिए निगम ने महिला चालकों की भर्ती का खाका तैयार कर इस दिशा में कदम आगे बढ़ाया था।

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