बरेली: कृषि गणना में खराब स्थिति से जिले की छवि हो रही खराब, शासन ने जताई चिंता
शासन ने गांवों में कृषि गणना के लंबित कार्य को बताया पर्यवेक्षण की कमजोरी
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बरेली, अमृत विचार। जिले में कृषि गणना की सुस्ती पर शासन ने चिंता जताई है। इसकी वजह कई गांवों में लंबित कार्य और पर्यवेक्षण की कमजोरी बताई गई है। इससे जिले की छवि खराब हो रही है। शासन ने जिलाधिकारी को पत्र जारी करते हुए गणना के कार्य में तेजी लाने के आदेश दिए हैं।
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कृषि गणना में जिले में ग्राम वार सभी किसानों की जमीन को दर्ज किया जाता है। इसमें कितनी जमीन पर किसानों ने कौन सी फसल बो रखी है, कितनी जमीन खाली है और कितने सीमांत लघु और मझोले किसान हैं। जिले में पहले चरण के तहत कृषि गणना का काम चल रहा है, लेकिन गांवों में प्रक्रिया रुकी हुई है। इसको शासन ने गंभीरता से लिया है। प्रभारी अधिकारी आयुक्त एवं सचिव प्रमोद कुमार पांडेय ने 21 जिलों के डीएम को पत्र जारी किया है, उसमें बरेली भी शामिल है।
पत्र में स्पष्ट तौर पर कहा गया कि माैजूदा समय में भारत सरकार के कृषि गणना पोर्टल के आंकलन में बरेली की स्थिति अच्छी नहीं पाई गई है। कृषि गणना के कार्य में नोडल अधिकारी को लंबित गांवों में प्रक्रिया को पूरा करने में आ रही तकनीकी और भौतिक समस्या से परिषद को जानकारी दी जाए, जिससे इस मामले से केंद्र सरकार को दिक्कतों से रूबरू कराकर समस्या का निस्तारण भी कराया जाए।
भूलेख निरीक्षक चंद्रप्रकाश शर्मा ने बताया कि सिर्फ सात गांवों में कृषि गणना का कार्य रुका हुआ है। चकबंदी चलने की वजह से कुछ दिक्कतें आ रहीं हैं। बताया कि बहेड़ी तहसील के चार और बरेली सदर तहसील के तीन गांवों में कृषि गणना का कार्य लंबित है। जल्द पूरा करने की कोशिश है।
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