प्रयागराज : पंडितो ने वैदिक मंत्रो से बनाया रावण का पुतला, होगा दहन
नैनी के महर्षि महेश योगी आश्रम में हुई तैयारी
प्रयागराज, अमृत विचार। वैसे तो पूरे देश में विजयदशमी का पर्व बड़े धूम धाम से मनाया जाता है, लेकिन प्रयागराज में विजयदशमी पर्व पर रावण के पुतले को बनाना और फिर उसे जलाने की प्रक्रिया कुछ अलग है।
असत्य पर सत्य की जीत, बुराई पर अच्छाई की विजय की बात सत्य है। इसी दिन भगवान श्री राम ने महाबली रावण का अंत किया था। विजयदशमी पर्व पर पूरे देश में रावण के पुतले को बनाकर उसे जलाया जाता है और समाज में यह संदेश दिया जाता है कि असत्य पर सत्य की जीत है। यहां प्रयागराज के नैनी अरैल स्थित महर्षि महेश योगी आश्रम में प्रकांड विद्वानों के द्वारा वैदिक मंत्रो से महाबली, प्रकांड विद्वान, शिव तांडव रचित, प्रकांड पंडित रावण का 30 फिट का पुतला तैयार किया गया है। खास बात यह है कि प्रकांड पंडितो ने ही एक प्रकांड पंडित का पुतला बनाया है। इसे बनाने में एक माह लगे है। आश्रम में रहने वाले अन्य राज्यों के कर्मकांडी पंडितो ने इसका निर्माण किया है।
बांस, कपड़ों और अन्य समानों के सहारे इस 30 फिट के पुतले को बनाया गया है। आश्रम के पंडित अजय कुमार ने बताया कि हर वर्ष यह पुतला तैयार किया जाता है। इस बार भी यह पंडितो के द्वारा तैयार किया गया है। जिसे यहां आश्रम के मैदान में दहन किया जाएगा। पुतला दहन के बाद लोगो को संकल्प दिलाया जायेगा कि समाज में बुराई को खत्म करे और लोगो के साथ अच्छाई करें जिससे समाज का भला हो सके।
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