Kanpur Farmer Suicide: मां के अंतिम संस्कार में नहीं आया प्रियरंजन दिवाकर, बड़े बेटे ने दी मुखाग्नि, परिजनों ने लगाए ये आरोप
कानपुर में मां के अंतिम-संस्कार में शामिल होने के लिए आरोपी भाजपा नेता डॉ. प्रियरंजन दिवाकर नहीं आया।
कानपुर में मां के अंतिम-संस्कार में शामिल होने के लिए आरोपी भाजपा नेता डॉ. प्रियरंजन दिवाकर नहीं आया। बड़े बेटे ने मुखाग्नि दी।
कानपुर, अमृत विचार। चकेरी में किसान बाबू सिंह की आत्महत्या के मामले में पिछले 43 दिन से फरार एक लाख के इनामी आरोपी पूर्व भाजपा नेता डॉ प्रियरंजन आशू दिवाकर की मां का सोमवार को सिद्धनाथ घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। बड़े बेटे विश्वरंजन ने उनको मुखाग्नि दी।
अंतिम संस्कार में डॉ प्रियरंजन के आने की आशंका के चलते पुलिस की कई टीमें सादे कपड़ों में घर से लेकर घाट तक मुस्तैद रहीं। हालांकि आरोपी भाजपा नेता अंतिम संस्कार में नहीं पहुंचा। डॉ प्रियरंजन के पिता ने घटना को सपा नेता का षडयंत्र बताया।
प्रियरंजन आशू दिवाकर की मां उर्मिला (70) का रविवार को निधन हो गया था। भाजपा नेता की भाभी रेनू रंजन ने आरोप लगाया था कि पुलिस की कुर्की की कार्रवाई से सदमे में आकर उनकी मौत हो गई। परिजनों ने कहा था कि पुलिस जब तक प्रियरंजन की गिरफ्तारी न करने व निष्पक्ष जांच का आश्वासन नहीं देगी तब तक शव का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा।
देर रात एसीपी चकेरी अमरनाथ यादव व थाना प्रभारी अशोक कुमार दुबे ने प्रियरंजन के परिजनों को समझाया था। इसके बाद प्रियरंजन की मां का अंतिम संस्कार किया गया। प्रियरंजन के पिता रामप्रकाश ने आरोप लगाया कि उनके घर की कुर्की का आदेश होने की जानकारी होने पर सदमे में उनकी पत्नी की मौत हो गई। राम प्रकाश ने आरोप लगाया कि सपा नेता नरेंद्र यादव की साजिश का शिकार प्रियरंजन को बनाया गया है।
फरार आरोपियों का पुतला फूंकेंगी किसान की बेटियां
न्याय संघर्ष समिति के संयोजक अभिमन्यु गुप्ता ने बताया कि विजयदशमी के अवसर पर किसान आत्महत्या के मामले में फरार आरोपियों का पुतला दहन किया जाएगा। मृतक की बेटी रूबी व काजल फरार आरोपियों का राक्षस रूपी पुतला बना कर उनका दहन करेंगी। काजल ने बताया कि प्रियरंजन के परिजनों की ओर से लगाए गए आरोप सरासर गलत हैं। प्रियरंजन की इस साजिश का मास्टरमांइड था।
