हल्द्वानी: MBPG में NSUI के अध्यक्ष प्रत्याशी पर Suspense बरकरार

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Published By Bhupesh Kanaujia
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हल्द्वानी, अमृत विचार। कांग्रेस की छात्र संगठन इकाई एनएसयूआई ने छात्र संघ चुनाव के लिए अपने प्रत्याशियों के नाम के एलान कर दिए हैं। चौंकाने वाली बात ये है कि एमबीपीजी कॉलेज में अध्यक्ष पद पर एनएसयूआई की ओर से कौन चुनाव लड़ेगा, ये अभी तक तय नहीं हुआ है। लड़ेगा भी या नहीं इसके बार में भी कुछ स्पष्ट नहीं बताया जा रहा है।

रविवार को एबीवीपी ने एमबीपीजी कॉलेज से सूरज रमोला को अध्यक्ष पद पर प्रत्याशी बनाया। एनएसयूआई ने भी पत्ते खोले लेकिन आधे-अधूरे तरीके से। विधायक सुमित हृदयेश ने अपने आवास पर बुधवार को नामों की घोषणा की। एमबीपीजी में विश्वविद्यालय प्रतिनिधि के लिए सुजल सचिन और महिला महाविद्यालय में अध्यक्ष पद पर आस्था तेजवानी एनएसयूआई की ओर से चुनाव लड़ेंगे।

इनके अलावा महिला डिग्री कॉलेज में सचिव पद पर मानसी प्रकाश,  सांस्कृतिक सचिव पद पर ज्योति पडियार, उपसचिव पद पर टीना कांडपाल, कोषाध्यक्ष पद पर शैल खनायत, विश्विद्यालय प्रतिनिधि पद पर हिमानी धामी को एनएसयूआई ने अपना अधिकृत प्रत्याशी घोषित किया है। एनएसयूआई प्रदेश अध्यक्ष विकास नेगी और संगठन के राज्य प्रभारी अक्षय लाकड़ा की संस्तुति पर ये नाम जारी किए गए हैं।

 

हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश, महानगर कांग्रेस अध्यक्ष एडवोकेट गोविंद बिष्ट और जिला अध्यक्ष राहुल छिमवाल ने संयुक्त रूप से उक्त प्रत्याशियों को जिताने के लिए एकजुट होने का आह्वान किया। इस दौरान  जिला महामंत्री मलय बिष्ट, हेमन्त बगडवाल, एनएसयूआई की ओर से जिलाध्यक्ष भुवन पांडे, पूर्व जिलाध्यक्ष विशाल भोजक, प्रदीप नेगी, हेमन्त साहू, दिग्विजय सिंह चौहान, मीमांशा आर्य, जूही चुफाल, ज्योति आर्य, लाल सिंह पवार, कोमल जायसवाल, अमित रावत, गुड्डू सम्मल, मयंक गुप्ता, हर्षीय जोशी, करन अरोड़ा, अमन गुप्ता, सोनू कसार आदि रहे। 

पूर्व छात्र नेता भी नाराज
हल्द्वानी। एनएसयूआई की ओर से एमबीपीजी में अध्यक्ष पद पर उम्मीदवार का नाम घोषित किए जाने से कांग्रेस के ऐसे कई नेता नाराज हैं जिन्होंने राजनीति की शुरूआत छात्र जीवन से शुरू की थी। एक पदाधिकारी का कहना है कि नामों की घोषणा से पहले ये कहा गया था कि एमबीपीजी डिग्री कॉलेज छात्र संख्या के मामले में प्रदेश के बड़े कॉलेजों में से एक है। इसलिए यहां से अध्यक्ष पद का प्रत्याशी होना चाहिए। सुजल सचिन के बारे में बताया जा रहा है कि वह भी एनएसयूआई से अध्यक्ष पद की तैयारी कर रहे थे लेकिन संगठन ने अचानक से उन्हें विश्वविद्यालय प्रतिनिधि पर चुनाव लड़ने के लिए मना लिया। इस निर्णय से कांग्रेस के भी कई नेता नाराज हो गए हैं।

निर्दलीय सचिन जोशी के खेमे में कई एनएसयूआई के लोग
हल्द्वानी। बताया जा रहा है कि एमबीपीजी से निर्दलीय अध्यक्ष पद पर चुनाव लड़ रहे संजय जोशी को एनएसयूआई के कई पदाधिकारी समर्थन दे रहे हैं। अगर एनएसयूआई अध्यक्ष पद पर संगठन की ओर से टिकट देती तो दो फाड़ होने की संभावना थी। ऐसा पहले के चुनावों में भी हो चुका है।

साथ ही पिछले कुछ सालों में निर्दलीय प्रत्याशियों ने अच्छा प्रदर्शन किया है। इसलिए संभावना है कि एनएसयूआई संजय को पीछे के दरवाजे से समर्थन देगी। अगर सचिन चुनाव जीत जाते हैं तो बाद में उन्हें संगठन में शामिल कर लिया जाएगा। फिलहाल कॉलेज में अध्यक्ष पद पर एबीवीपी के सूरज और निर्दलीय संजय में टक्कर दिख रही है।

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