UP: ADCP ने हेड कांस्टेबल को बनाया मुर्गा… डंडे से पीटने का आरोप, स्पेशल डीजी ने मांगी रिपोर्ट, ये है पूरा मामला

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Edited By Amrit Vichar
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कानपुर में एडीसीपी पर हेड कांस्टेबल को मुर्गा बनाकर डंडे से पीटने का आरोप।

कानपुर में एडीसीपी पर हेड कांस्टेबल को मुर्गा बनाकर डंडे से पीटने का आरोप। शासन तक मामला पहुंचा। स्पेशल डीजी कानून व्यवस्था ने रिपोर्ट मांगी।

कानपुर, अमृत विचार। कमिश्नरेट की कानपुर पुलिस आए दिन किसी न किसी विवाद के चलते सुर्खियों में आकर किरकिरी करा रही है। घाटमपुर में निर्दोंष को जेल भेजने का मामला अभी ठंडा ही नहीं पड़ा था कि कमिश्नरेट में तैनात आईपीएस एडीसीपी पूर्वी आकाश पटेल पर महाराजपुर थाने में तैनात रहे एक हेड कांस्टेबल पदमाकर द्विवेदी ने अपने ऑफिस बुलाकर मुर्गा बनाकर पीटने का गंभीर आरोप लगाया है।

हेड कांस्टेबल ने गंभीर आरोप लगाया है कि पहले एडीसीपी ने उन्हें अपने ऑफिस बुलाया। शुक्रवार को हेड कांस्टेबल के मेडिकल सर्टिफिकेट के साथ ही मैसेज सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। मामला लखनऊ तक पहुंचा तो स्पेशल डीजी ने मामले में रिपोर्ट मांगी है।

इस मामले में पुलिस कमिश्नर डॉ आर के स्वर्णकार का कहना है कि मामले में पहले से ही जांच चल रही है। डीसीपी पूर्वी की रिपोर्ट जो भी होगी उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में वायरल मैसेज की पुष्टि अमृत विचार डॉट कॉम नहीं करता।

किसी तरह जान बचाकर डीसीपी के ऑफिस पहुंचने की बात 

शुक्रवार को सोशल मीडिया पर एक मैसेज और ट्विट वायरल हुआ जिसमें कहा गया कि कानपुर में एक आईपीएस ने हेड कांस्टेबल को डंडे से मारा, कमरे में बंद कर पीटा, किसी तरह वह भागकर डीसीपी के ऑफिस पहुंचा तब बच सका। हेड कांस्टेबल के शरीर पर जितने जख्म के निशान है, उससे ज़्यादा उसकी आत्मा पर हैं, सिपाही के पास मेडिकल रिपोर्ट भी है।  

उनके ऑफिस में दो सिपाही मौजूद थे

पदमाकर द्विवेदी ने बताया कि उस समय उनके ऑफिस में दो सिपाही और मौजूद थे। कहा कि वह बगल में डीसीपी पूर्वी के ऑफिस में भागकर घुसा और वहां पर अपने साथ हुई घटना के बारे में जानकारी दी। आरोप है कि इस घटना की जानकारी पुलिस कमिश्नर से लेकर संयुक्त पुलिस आयुक्त समेत सभी उचचाधिकारियों को दी गई मगर कोई कार्रवाई नहीं हुई। 

कैसे वायरल हुआ मुझे नहीं मालूम 

हेड कांस्टेबल पदमाकर द्विवेदी ने बताया कि सोशल मीडिया पर उसकी मेडिकल रिपोर्ट कैसे वायरल हुई इसके बारे में उसे कोई जानकारी नहीं है। उसने कहा कि मेडिकल रिपोर्ट में कितनी चोटे आईं हैं इसका उल्लेख है और यह रिपोर्ट भी अधिकारियों को दिखाई जा चुकी है

अफसरों से स्पेशल डीजी ने ली जानकरी 

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ महकमे के मामले ने तूल पकड़ा तो स्पेशल डीजी प्रशांत कुमार सक्रिय हुए हैं। उन्होंने कानपुर में पुलिस कमिश्नर और ज्वाइंट सीपी आनंद प्रकाश तिवारी से बात कर मामले में जानकारी मांगी। साथ ही पुलिस अधिकारियों से मामले में रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा। जिसकी जांच डीसीपी पूर्वी को दी गई है।  

हत्या के मामले को गैर इरादतन बनाने का काम किया था काम  

इस मामले में एडीसीपी पूर्वी आकाश पटेल ने बताया कि 18 अक्टूबर को थाना महाराजपुर में सूरज नाम व्यक्ति की कुछ व्यक्तियों ने पीट-पीट कर हत्या कर दी थी। इस घटना में विवेचना जारी है। इस मामले में आरोपियों से पूछताछ की गई थी तो उन्होंने कहा कि सूरज उनके घर में घुस आया था और पकड़ने के प्रयास करने पर भागने पर उसे चोट लग गई और वह मर गया। एडीसीपी ने बताया कि गहराई से पूछताछ करने पर आरोपियों ने माना कि सूरज को उन्हीं लोगों ने घर में बंद करके पीटा था। इस पर हेड कांस्टेबल पदमाकर ने उन्हें सच बताने से मना किया था और इस घटना को गैर इरादतन हत्या में दर्ज करवा दिया गया। अफसर के अनुसार 19 अक्तूबर को ही पुलिस कमिश्नर को रिपोर्ट भेज दी गई थी। जिसके बाद डीसीपी पूर्वी को मामले की जांच सौंपी गई। एडीसीपी ने कहा कि जो मेडिकल रिपोर्ट वायरल हो रही है वह 26 अक्तूबर की है। उसमें साफ लिखा है किस्लिपिंग ऑन ग्राउंड लिखा और कमर दर्द की शिकायत है। 

नर्वल हुआ ट्रांसफर पर ज्वाइन नहीं किया 

एडीसीपी की रिपोर्ट के बाद पुलिस कमिश्नर ने सिपाही को नर्वल थाने ट्रांसफर कर दिया था। पुलिस सूत्रों ने बताया कि उसने नर्वल में ज्वाइन नहीं किया। इंतेजार किया कि कुछ बात बन जाए और उसे न जाना पड़े। जब बात नहीं बनी तो गुरुवार को उसने नर्वल थाने में ज्वाइन कर लिया और शुक्रवार को मैसेज सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा। 

महाराजपुर थाने का कारखास था पदमाकर 

इंस्पेक्टर कोई भी हो महाराजपुर थाने में पदमाकर का सिक्का चलता था। वह थाने का कारखास था। छोटे से लेकर बड़ा, हर काम पदमाकर की जिम्मेदारी पर रहता था। थानाक्षेत्र की उसको जानकारी भी थी, इसी वजह से अधिकारी भी उसे हाथों हाथ लेते थे।

मारपीट का आरोप पूरी तरह से गलत है। मामला पांच दिन पहले का है। डीसीपी पूर्वी मामले की जांच कर रहे हैं। उनकी जांच रिपोर्ट पर कार्रवाई की जाएगी- आकाश पटेल, एडीसीपी पूर्वी 

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