Kanpur News: मंत्रियों ने मंच से पढ़े ‘मायावती’ के कसीदे, मंत्री असीम अरुण ने ये कही बड़ी बात, जानें…

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

कानपुर में मंत्री असीम अरुण ने कहा कि मायावती ने बाबा साहब को सम्मान दिया।

कानपुर में मंत्री असीम अरुण ने कहा कि मायावती ने बाबा साहब को सम्मान दिया। इसके साथ ही मंत्री भानूप्रताप वर्मा ने कहा कि बहन मायावती पर हमला कराने वाले किसी के नहीं हो सकते है।

कानपुर, [अभिषेक वर्मा]। भाजपा एक ओर अनुसूचित वर्ग के सम्मेलनों के जरिए बसपा के कैडर वोटों को अपने पाले में करने में जुटी है, तो वहीं उसके मंत्री ही पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के प्रति अपना प्रेम छिपा नहीं पा रहे हैं। शनिवार को अनुसूचित वर्ग के सम्मेलन में भाजपा सरकार के मंत्रियों ने मायावती का नाम लेकर उनकी शान में कसीदे पढ़े।

योगी के मंच पर मौजूद होने के बावजूद केंद्रीय मंत्री भानु प्रताप वर्मा और असीम अरुण ने जहां सपा पर तंज कसा तो वहीं, मायावती के प्रति नरम दिल दिखे। असीम अरुण ने कहा कि मायावती ने बाबा साहब को सम्मान दिया, तो वहीं भानूप्रताप वर्मा ने यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री को बहन मायावती संबोधित करते कहा कि उनपर हमला कराने वाले किसी के नहीं हो सकते हैं।

अनुसूचित वर्ग सम्मेलन में स्वागत भाषण कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र के अध्यक्ष प्रकाश पाल ने दिया। इसके तुरंत बाद मंच का माइक समाज कल्याण राज्यमंत्री असीम अरुण को दिया गया। उन्होंने कहा कि भाजपा में केंद्र में 20 से ज्यादा मंत्री अनुसूचित हैं। प्रदेश में 9 मंत्री अनुसूचित समाज से हैं। वहीं, सपा के अध्यक्ष अखिलेश यादव अब जय भीम का लगा रहे हैं।

जबकि उन्होंने उनका नाम हमेशा खराब किया, उन्हें अपमानित किया। मायावती ने जब बाबा साहब और काशीराम का सम्मान किया तो इन्होंने उनके नाम को खंड-खंड करने का काम किया। जबकि भाजपा सरकार ने कानपुर के अनुसूचित जाति के रामनाथ कोविंद जी को राष्ट्रपति पद पर बैठाया था, वर्तमान में भी हमारे देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू हैं।

असीम ने अपना माइक छोड़ा तो केंद्र सरकार में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम राज्य मंत्री भानु प्रताप वर्मा माइक पर आ गए। इस दौरान उन्होंने कहा कि 1955 में सपा गठबंधन की सरकार में मायावती पर हमला हुआ था।

सपाई गुंडे जब बहन मायावती पर हावी होने का प्रयास कर रहे थे तो भाजपा नेता ब्रह्मदत्त द्विवेदी ने मायावती को बचाने में बड़ी भूमिका निभाई थी। इसके बाद बहन मायावती को सीएम बनाने का भी काम किया गया। भाजपा के दोनों मंत्री जब यह बात कह रहे थे तो योगी और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष समेत कई बड़े नेता मंच पर बैठे ध्यान से सुन रहे थे।

संबंधित समाचार

टॉप न्यूज

सीतापुर में 7 शिक्षकों की सेवाएं समाप्त, फर्जी मार्कशीट के आधार पर पाई थी नौकरी
गंगाराम की मौत पर रोया पूरा गाँव, नहीं जला घर का चूल्हा, 130 सालों तक तालाब में रहने की क्या है कहानी; NCERT के पाठ्यक्रम में शामिल
NEET विवाद पर छात्रों के समर्थन में आए वरुण धवन और नोरा फतेही, बोले- हर छात्र निष्पक्ष और भरोसेमंद व्यवस्था का हकदार
Parliament Monsoon Session Day 5: लोकसभा की कार्यवाही 27 जुलाई तक स्थगित, किरण रिजिजू बोले- NEET पर चर्चा जरूरी, देश को सही संदेश जाना चाहिए
''छात्रों को धमकाने की हिम्मत कैसे हुई?'' , राहुल गांधी का सरकार पर हमला, कहा- छात्रों को लोकतांत्रिक अधिकारों से नहीं डराया जा सकता