Dengue News: डेंगू को हल्के में न लें... लापरवाही घातक पड़ सकती है, इस स्ट्रेन का संक्रमण सबसे ज्यादा हावी
डेंगू के स्ट्रेन डेन-2, 3 व 4 बरपा रहे कहर।
डेंगू के स्ट्रेन डेन-2, 3 व 4 कहर बरपा रहे। सबसे खतरनाक स्ट्रेन डेन-2 का संक्रमण ज्यादा हावी है। डेंगू के लक्षण दिखने पर लापरवाही घातक पड़ सकती है।
कानपुर, अमृत विचार। जिले में इस समय डेंगू का सबसे खतरनाक स्ट्रेन डेन-2 संक्रमण काफी ज्यादा हावी है, जिसकी चपेट में आकर प्रतिदिन सैकड़ों लोग बीमार हो रहे हैं। इसके साथ ही डेन-3 व डेन-4 भी लोगों को अपनी गिरफ्त में ले रहा है। ऐसे में बुखार, जोड़ों में दर्द, शरीर में चकत्ते पड़ने आदि समस्या होने पर लापरवाही घातक साबित हो सकती है। विशेषज्ञों ने बताया कि डेंगू वायरस के स्ट्रेन-2 को सबसे खतरनाक माना जाता है।
हैलट अस्पताल में प्रतिदिन करीब छह सौ, उर्सला में तीन सौ, केपीएम में सौ व कांशीराम संयुक्त अस्पताल में डेढ़ से दो सौ मरीज इलाज कराने को पहुंच रहे हैं। अधिकांश मरीजों में वायरल बुखार के साथ ही जोड़ों में दर्द, शरीर में कमजोरी, चकत्ते पड़ने आदि समस्या हो रही है। जांच कराने पर मरीजों की प्लेटलेट्स भी कम पाई जा रही है। यह लक्षण वायरल बुखार के साथ डेंगू व चिकनगुनिया तीनों में काफी मिलते–जुलते हैं।
अधिकांश डॉक्टरों द्वारा डेंगू के लक्षण मानकर ही मरीजों का इलाज किया जा रहा है। सीएमओ डॉ. आलोक रंजन ने डेंगू के स्ट्रेन की जानकारी के लिए केजीएमयू के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में 23 सैंपल जांच के लिए भेजे थे, जिसकी रिपोर्ट आ गई है। सीएमओ के मुताबिक 17 सैंपल में डेन-2 मिला है।
तीन सैंपल में डेन-3, दो सैंपल में डेन-4 और एक सैंपल में डेन-1 पॉजिटिव मिला है। इससे साफ जाहिर है कि जिले में डेन-2 का हमला काफी तेज है। इसी से स्थिति बेकाबू हुई है। इसके साथ ही डेंगू के चारों स्ट्रेन हावी हैं। इसलिए लोगों की अस्पतालों में भीड़ अधिक हो रही है। बताया कि इसी तरह की स्थिति प्रदेशभर में मिल रही है। जो सैंपल भेजे गए थे, वे सभी डेंगू संक्रमितों के थे। ओपीडी में भी डेन-2 के लक्षण वाले रोगी ज्यादा आ रहे हैं।
डेंगू के इस स्ट्रेन में होती यह परेशानी
डेन-1- 75 फीसदी रोगियों में लक्षण नहीं उभरते। हल्की बीमारी, हाईग्रेड फीवर आ सकता है।
डेन-2- अचानक हाईग्रेड फीवर, जी मिचलाना, आंखों में दर्द, बहुत थकान, शरीर में दर्द, पेट में दर्द, शरीर पर चकत्ते। शुरुआत में प्लेटलेट्स काउंट अधिक कम नहीं होती। डेंगू शॉक सिंड्रोम के बाद मल्टी आर्गन फेल्योर।
डेन-3- तेज पेट दर्द, उल्टी, थकान, बेचैनी, प्यास लगना, मसूढ़ों और पाखाने में खून आना।
डेन-4: हाई फीवर, सिरदर्द, शरीर में दर्द, जी मिचलाना और शरीर में चकत्ते पड़ना।
डेंगू हेमरेजिक फीवर- डीएचएफ डेंगू का गंभीर रूप है। शुरुआती लक्षण डेंगू जैसे ही होते हैं, लेकिन बाद में रक्तस्त्राव की समस्या होती है। नाक, मसूढ़ों और अंदर के अंगों में खून का रिसाव होता है, जो जानलेवा हो सकता है।
ये भी पढ़ें- Karwa Chauth 2023: कानपुर में करवाचौथ के दिन कितने बजे निकलेगा चांद… जानें- समय और पूजा का मुहूर्त
