लखनऊ के केजीएमयू और लोहिया संस्थान को मिला स्वास्थ्य सेवा पुरस्कार
लखनऊ, अमृत विचार। किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी और डॉ. राम मनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज को स्वास्थ्य सेवा पुरस्कार मिला है। राजधानी के दोनों बड़े चिकित्सा संस्थानों को यह पुरस्कार फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (FICCI) की तरफ से दिया गया है। लोहिया संस्थान और केजीएमयू को स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में किये गये योगदान के लिए स्वास्थ्य सेवा पुरस्कार नई दिल्ली में मिला है।
दरअसल, हर साल FICCI विभिन्न श्रेणियों में 13 स्वास्थ्य देखभाल पुरस्कार देता है, जिनमें से 5 पुरस्कार सरकारी चिकित्सा संस्थानों को और बाकी निजी संस्थानों,एनजीओ और स्टार्ट-अप को दिए जाते हैं। इस वर्ष पुरस्कार के लिए 192 प्रविष्टियाँ भेजी गई थीं। सरकारी चिकित्सा संस्थानों के लिए दिये गये 5 पुरस्कारों में से 2 पुरस्कार केजीएमयू और लोहिया संस्थान को मिला है।
डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान को नर्सों, पैरामेडिकल स्टाफ, सुरक्षा सेवाओं सहित सभी संवर्गों के स्वास्थ्य कर्मियों के प्रशिक्षण के लिए "वर्ष का प्रशिक्षण और कौशल विकास पहल" श्रेणी में प्रतिष्ठित पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। इसे वर्ष 2022 में "सेवा में श्रेष्ठता: एक नई पहल" लोगो के साथ स्वास्थ्य संबंधी संक्रमण दरों को कम करने, कुशल प्रबंधन के लिए एक सतत् प्रशिक्षण और पुन: प्रशिक्षण पहल के रूप में शुरू किया गया था। इस पहल में 56 विशेषज्ञों द्वारा दिए गए 46 मॉड्यूल के लिए 118 सत्रों के माध्यम से सभी संवर्गों के 2705 स्वास्थ्य देखभाल कार्यकर्ता शामिल थे। इस पहल का उद्देश्य सभी को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करने के सरकारी दृष्टिकोण को संबोधित करना है। इस प्रशिक्षण पहल का परिणाम अस्पताल में प्राप्त संक्रमण दर में कमी के रुझान और रोगी संतुष्टि दर में वृद्धि के रूप में काफी स्पष्ट रहा है जैसा कि रोगी और परिचारक फीडबैक फॉर्म में देखा गया है। लोहिया संस्थान में मरीजों के इलाज में गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए निदेशक प्रो. सोनिया नित्यानंद जबरदस्त काम कर रही हैं। इसके अलावा प्रो.सोनिया नित्यानंद ने जब से केजीएमयू में कुलपति का कार्यभार संभाला है। वहां पर भी मरीजों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने के लिए लगातार प्रयासरत हैं। जिसका असर भी दिखाई पड़ रहा है।
किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी को "रोगी सेवा वितरण में उत्कृष्टता", जो कि कोविड अवधि के दौरान बड़े पैमाने पर म्यूकोर्मिकोसिस के प्रसार के दौरान म्यूकोर्मिकोसिस (ब्लैक फंगस) के प्रबंधन से संबंधित इस पुरस्कार के लिए चुना गया है। बता दें कि ब्लैक फंगस की त्वरित पहचान और उपचार के लिए एक विशेष टीम बनाई गई थी। जिसके चलते बहुत से मरीजों की जान बचाई जा सकी।
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