बरेली: शहर में डेंगू का प्रकोप, 14 नए मरीजों के साथ आंकड़ा पहुंचा 738

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। अगर आपका बच्चा पेट दर्द की शिकायत कर रहा है तो तुरंत नजदीकी डॉक्टर की सलाह लें। क्योंकि इसकी अनदेखी भारी पड़ सकती है। दरअसल डेंगू से ग्रस्त अधिकतर बच्चों में पेट संबंधी दिक्कतें मिल रही हैं। जी हां, यह बात हम नहीं बल्कि हॉस्पिटल के डॉक्टर्स का कहना है।

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उनका कहना है कि हॉस्पिटल में इस तरह के केसेस की संख्या बढ़ी है जिसमें पेट से संबंधी समस्या लेकर लोग आ रहे हैं। उसमें भी वह बच्चे अधिक हैं जिनको संदिग्ध डेंगू हुआ है। वहीं जिले में लगातार बढ़ रहे संदिग्ध डेंगू के केसेस की संख्या में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। सोमवार को भी संदिग्ध डेंगू के 14 केसेस नए मिले हैं।

मिल रहे यह लक्षण:  मरीजों में अधिकतर पेट संबंधी जो प्रॉब्लम आ रही है उसमें लीवर में सूजन, संक्रमण, पेट में पानी भरना, तेज पेट दर्द, सांस फूलना, उल्टी-दस्त जैसे लक्षण सामने आ रहे हैं। जिसमें संदिग्ध डेंगू पेशेंट्स को खाने-पीने में भी प्रॉब्लम होती है और भूख भी नहीं लगती है।

ऐसे पेशेंट्स को ठीक होने में भी 10-12 दिन का समय लग रहा है। जबकि कुछ ऐसे पेशेंट्स भी आते हैं जो एक सप्ताह में भी ठीक हो रहे हैं। खासकर यह समस्या बच्चों में अधिक आ रही है। 

738 पर पहुंचा आंकडा: डेंगू के प्रकोप से अब स्वास्थ्य विभाग भी लाचार दिखाई दे रहा है। हर दिन डेंगू संदिग्धों की मृत्यु का भी विभाग पर कोई असर नहीं पड़ रहा। विभाग का कांटा अभी भी एलाइजा जांच पर अटका हुआ है। हालात यह हैं कि लगातार तीसरे वर्ष जिले में डेंगू के आउटब्रेक के हालात हैं।

बीते तीन वर्षों में जिले में 1600 से अधिक मरीज एलाइजा पाजिटिव सामने आ चुके हैं। सोमवार को भी जिले में डेंगू के 14 नए मामले सामने आए। इसके बाद कुल मरीजों की संख्या 738 हो चुकी है।

2003- 2004 में मिला था पहला केस: स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में डेंगू का पहला मरीज वर्ष 2003-2004 में सामने आया था। इससे पहले डेंगू बीमारी जिले में नहीं थी। इसके बाद हर साल यहां पर मरीजों की संख्या बढ़ती गई। बीते दस सालों में डेंगू ने अपना पैटर्न बदला और एक साल अधिक मरीज तो दूसरी साल शून्य मरीज आते रहे।

मगर पिछले तीन वर्षों से लगातार मरीजों की संख्या बढ़ रही है। वर्ष 2021 में सबसे तेज हमला हुआ और पहली बार जिले में 595 मरीज मिले थे। डेंगू के पहले से चल रहे चलन को देखते हुए 2022 में मरीजों की संख्या कम होनी चाहिए थी लेकिन बीते साल भी 473 डेंगू संक्रमित मिले थे। इस साल अब तक जिले में 738 मरीजों में डेंगू की पुष्टी हो चुकी है। वहीं अभी और भी मरीज बढ़ने की आशंका है।

डेंगू से बचाव के लिए मच्छरदानी का उपयोग करें साथ ही फुल स्लिप के कपड़े पहनकर ही घर से निकले इससे डेंगू के मच्छरों से बचाव कर सकते है।- डॉ. राहुल बाजपेयी, जिला अस्पताल

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