Kanpur News: चमड़ा निर्यातक तीन दिन मोतीझील में बेचेंगे अपने उत्पाद, युद्ध की मंदी को रिटेल बाजार से उबारेंगे
कानपुर में चमड़ा निर्यातक तीन दिन मोतीझील में बेचेंगे अपने उत्पाद।
कानपुर में चमड़ा निर्यातक तीन दिन मोतीझील में अपने उत्पाद बेचेंगे। हमास और इजराइल युद्ध की मंदी को रिटेल बाजार से उबारेंगे। इसके साथ ही सीएलई के तहत चमड़ा बाजार लगेगा।
कानपुर, [राजीव त्रिवेदी]। शहर के चमड़ा निर्यातक तीन दिनों तक मोतीझील में अपने उत्पादों को बेचेंगे। काउंसिल फॉर लेदर एक्सपोर्ट ‘सीएलई’ की ओर से होने वाले इस आयोजन में सौ से अधिक निर्यातक अपने स्टॉल को लगाएंगे। हमास और इजराईल युद्ध के बाद चमड़ा निर्यात में आई कमी को पूरा करने के लिए निर्यातक रिटेल कारोबार को बढ़ाने के लिए प्रयास कर रहे हैं।
शहर से इजराइल में हर साल लगभग 6 से 8 सौ करोड़ रुपये के निर्यात होता है। इजराइल और हमास युद्ध के बाद महीने भर के भीतर ही शहर के निर्यातकों को सिर्फ इजराइल से लगभग 5 सौ करोड़ रुपये के ऑर्डर कैंसिल हो चुके हैं। निर्यातक अभी और अधिक ऑर्डर के कैंसिल या देरी होने का संभावना जता रहे हैं। उधर युद्ध के बाद विश्विक ऑर्डर भी निरस्त हो रहे हैं।
निर्यातकों का कहना है कि युद्ध की वजह से यूरोप से जुड़ा बाजार भी मंदा हो गया है। ऐसे में निर्यात के तहत शहर के कारोबारियों को लगभग 1 हजार करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ सकता है। शहर से चमड़े का बड़े पैमाने पर निर्यात होता है। इसमें चमड़े का निर्यात लगभग 51 सौ करोड़ रूपये सालाना जबकि सेडलरी का निर्यात 1,471 करोड़ रूपये सालाना है।
निर्यातकों का मानना है कि इससे इस वित्तीय वर्ष में मुनाफा कमाना बेहद मुश्किल साबित हो रहा है। ऐसे में निर्यातक रिटेल बाजार की ओर तेजी से रुख कर रहे हैं। मोतीझील में तीन दिनों तक लगने वाले लेदर एक्सपो में माना जा रहा है कि बड़े स्तर पर लेदर से जुड़े उत्पादों की बिक्री हो सकेगी।
8,9,10 लगेगी एक्सपो
काउंसिल फॉर लेदर एक्सपोर्ट की ओर से मोतीझील में लगाई जाने वाली एक्सपो 8,9,10 नवंबर को लगेगी। काउंसिल से जुड़े निर्यातकों ने बताया कि इस एक्सपो में शहरवासियों को लेदर से जुड़े सभी उत्पाद कम रेट में मिल सकेंगे। इन उत्पादों में एक्सपोर्ट क्वालिटी की लेदर की बेल्ट, पर्स, बैग, लेपटॉप बैग, जैकेट, लेदर ज्वैलरी, सेडलरी सहित अन्य उत्पाद शामिल हैं।
वैश्विक बाजार में चमड़ा निर्यातकों के लिए मंदी का दौर है। निर्यातक मान रहे हैं कि यह मंदी लंबी हो सकती है। ऐसे में रिटेल कारोबार के लिए भी अब ऐसे इवेंट का होना बहुत जरूरी है।- असद ईराकी, सदस्य, कमेटी ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन सेडलरी पैनल, सीएलई
तीन दिन की इवेंट के लिए अब तक लगभग सौ चमड़ा निर्यातकों ने अपना रजिस्ट्रेशन कराया है। अभी जबकि एक्सपो में कुछ दिन बचे है तो और अधिक निर्यातकों के जुड़ने की उम्मदी है।- जीके आलम, सदस्य, सीएलई
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