बरेली: केंद्र और राज्य की योजनाओं में फंसा रामगंगा परियोजना का बजट
अश्विनी शर्मा,बरेली। रामगंगा की बदायूं नहर परियोजना का बजट अब केंद्र व राज्य की योजनाओं में फंस गया है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों के मुताबिक केंद्र की प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना व उत्तर प्रदेश राज्य की नाबार्ड योजना में बजट रुका हुआ है। इस पर विचार विमर्श चल रहा है, निर्णय होने के बाद बजट …
अश्विनी शर्मा,बरेली। रामगंगा की बदायूं नहर परियोजना का बजट अब केंद्र व राज्य की योजनाओं में फंस गया है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों के मुताबिक केंद्र की प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना व उत्तर प्रदेश राज्य की नाबार्ड योजना में बजट रुका हुआ है। इस पर विचार विमर्श चल रहा है, निर्णय होने के बाद बजट प्रस्तावित होगा। अधिकारियों की ओर से बताया गया कि बजट आने के बाद भी करीब दो साल का वक्त इस परियोजना को पूरा करने में लग जाएगा।
यह परियोजना नौ साल पहले वर्ष 2011 में शुरू हुई थी। इसमें 15.6 किलोमीटर लंबी मुख्य नहर के अलावा डेढ़ दर्जन रजबहा और माइनर नहरें निकालने के साथ रामगंगा बैराज का काम था। इसके लिए 2208 करोड़ का बजट सरकार से मांगा था। इसमें से शासन ने 2100.16 करोड़ का बजट स्वीकृत किया था। जिसमें से 630 करोड़ स्वीकृत होकर आ गए थे। ऐसे में बचे हुए 1470 करोड़ साथ ही जीएसटी मिलाकर 1520 करोड़ रुपये कुल सरकार की ओर से आने हैं। अधिकारियों द्वारा बताया गया कि 630 करोड़ रुपये रामगंगा के बैराज में लगा दिए गए, जिससे 90 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है।
पूरा हो चुका है 90 प्रतिशत काम
रुहेलखंड मंडल की इस सबसे बड़ी परियोजना का उद्देश्य बरेली से दातागंज (बदायूं) तक किसानों को सिंचाई के लिए नहरों के माध्यम से पानी उपलब्ध कराना था। 617 मीटर लंबा बैराज बनने के साथ ही यहां 15.6 किलोमीटर लंबी मुख्य नहर निकाली जानी है। साथ ही डेढ़ दर्जन रजबहा और माइनर नहरें बनाई जानी हैं। दो साल पहले 2018 में भी बजट के अभाव में इस बैराज का काम रोक दिया गया था। हालांकि सिंचाई विभाग का दावा है कि बैराज का 90 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है।
