TMC सांसद महुआ मोइत्रा जांच में सहयोग को तैयार, बोलीं- स्त्री द्वेष के खिलाफ मिले संरक्षण

Amrit Vichar Network
Published By Ashpreet
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कोलकाता। 'सवाल पूछने के लिए पैसे लेने' की सुनवाई के दौरान लोकसभा आचार समिति पर अपमानजक प्रश्न करने का आरोप लगाने वाली तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा ने जांच में सहयोग करने की अपनी इच्छा जाहिर की है। साथ ही, उन्होंने स्त्री-द्वेष से संरक्षण की जरूरत और शिष्टता के मानदंड को बरकरार रखने पर भी जोर दिया। 

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संसद से निष्कासित करने का हो रहा है प्रयास

मोइत्रा ने एक साक्षात्कार में आचार समिति की जांच को ‘राजनीति के कारण चुनिंदा तरीके से निशाना बनाना’ करार दिया है। उन्होंने कहा कि इसका एकमात्र मकसद उन्हें संसद से निष्कासित कराना है। मोइत्रा ने आरोप लगाया है कि गुरुवार को समिति की सुनवाई के दौरान उनसे उनके निजी जीवन के बारे में अप्रासंगिक सवाल पूछे गए।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं जांच के लिए, और सभी सवालों के जवाब देने के लिए हमेशा से तैयार हूं। लेकिन एक मर्यादा होनी चाहिए, जिसका उल्लेख किए जाने की जरूरत है। मुझे ओछे और अपमानजक सवाल से संरक्षण की जरूरत है। मैंने इस बारे में लोकसभा स्पीकर को पत्र लिखा है।’’ कृष्णानगर से सांसद ने जांच से जुड़े किसी भी सवाल का जवाब देने को इच्छुक होने की बात दोहराई। 

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अशोभनीय व्यवहार और स्त्री-द्वेष के खिलाफ संरक्षण मांगा

मोइत्रा ने कहा कि वह लोकसभा स्पीकर से मांग की है कि उन्हें अशोभनीय व्यवहार, स्त्री-द्वेष के खिलाफ मुझे संरक्षण देना होगा। जांच से जुड़ी किसी भी चीज का वह पहले ही जवाब दे चुकी हैं। उन्होंने अपना पक्ष 100 बार स्पष्ट किया है। अगर उन्होंने कोई नियम तोड़ा है तो इसकी उन्हें जानकारी दी जानी चाहिए। वहीं अगर उनसे सवाल पूछना चाहते हैं, तो यह ठीक है, लेकिन इस तरह से नहीं।’’

वहीं सांसद निशिकांत दुबे ने मोइत्रा पर आरोप लगाया है कि उन्होंने कारोबारी दर्शन हीरानंदानी के इशारे पर संसद में सवाल पूछे और अपने लॉगिन आईडी व पासवर्ड को उनके साथ साझा किया। मोइत्रा से यह पूछे जाने पर कि क्या इस मामले में उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस उनका समर्थन कर रही है, उन्होंने कहा, ‘‘मेरी पार्टी मेरा समर्थन क्यों नहीं करेगी? शुरूआत में कोई बयान नहीं जारी किया गया। इसका यह मतलब नहीं कि वह मेरा समर्थन नहीं कर रही। यह उम्मीद नहीं करें कि मेरी पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी हर मुद्दे पर टिप्पणी करेंगी। 

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आचार समिति का काम विषय की व्यापक जांच करना

वहीं आचार समिति की बैठक के बाद समिति के अध्यक्ष व बीजेपी सांसद विनोद कुमार सोनकर ने कहा कि समिति का काम विषय की एक व्यापक जांच करना है। सहयोग करने के बजाय मोइत्रा और विपक्षी सदस्य कथित तौर पर आक्रोशित हो गए और जिन्होंने उनके खिलाफ आरोप लगाते हुए ‘आपत्तिजनक शब्दों’ का इस्तेमाल किया।

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