UP: अमेरिका के आयात शुल्क घटाने से खिलेगा रामपुर का मेंथा कारोबार
रामपुर, अमृत विचार। भारत की अमेरिका के साथ ऐतिहासिक ट्रेड डील और आयात शुल्क को 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करने के फैसले के बाद रामपुर सहित पश्चिमी उप्र के मेंथा सहित सभी वर्ग के व्यापारियों में जश्न का माहौल है। मेंथा और एलाइड प्रोडक्ट्स से जुड़े निर्यातकों ने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कूटनीतिक जीत बताया है और केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया है।
रामपुर से मेंथा का करीब 15 सौ से दो हजार करोड़ का कारोबार प्रतिवर्ष होता है। साल 2025 में अमेरिका द्वारा भारतीय हस्तशिल्प, मेटल वेयर और मेंथा, मेंथॉल क्रिस्टल पर टैक्स बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर देने से मुरादाबाद रामपुर, संभल, बदायूं और बाराबंकी का निर्यात 30 से 40 प्रतिशत से ज्यादा गिर गया था। नीरू मेंथाल के डायरेक्टर और शहर के बड़े उद्यमी अमृत कपूर ने बताया कि अमेरिकी ट्रेड डील और टैक्स में कटौती 50 से 18 प्रतिशत केवल एक कागजी समझौता नहीं है, बल्कि यह उत्तर प्रदेश के मेंथा उद्योग की रीढ़ की हड्डी को सीधा और मजबूत करने वाला फैसला है।
जो पिछले कुछ महीनों से भारी अमेरिकी टैक्स की वजह से अपना कारोबार बंद करने की कगार पर थे। मेंथा और उससे जुड़े उत्पादों को अक्सर हरा सोना कहा जाता है और उत्तर प्रदेश इसका ग्लोबल हब है। दुनिया का 80 प्रतिशत मेंथा भारत में पैदा होता है और भारत का 90 प्रतिशत मेंथा उत्तर प्रदेश में पैदा होता है। इसमें भी रामपुर, मुरादाबाद, संभल, बदायूं और बाराबंकी इस बेल्ट का दिल है।
अमेरिका के साथ व्यापार समझौता और टैरिफ में 50 प्रतिशत से 18 प्रतिशत की कटौती भारतीय अर्थव्यवस्था और विशेष रूप से यूपी के किसानों-निर्यातकों के लिए गेम चेंजर साबित होगी। पिछले कुछ समय से अमेरिका में सिंथेटिक मेंथॉल (कृत्रिम) का चलन बढ़ रहा था, क्योंकि भारतीय नेचुरल मेंथॉल पर टैक्स ज्यादा होने से वह महंगा पड़ रहा था। ड्यूटी 18 प्रतिशत होने से नेचुरल मेंथॉल के दाम गिरेंगे। उद्यमियों ने बताया कि अमेरिकी कंपनियां सिंथेटिक की जगह वापस शुद्ध भारतीय मेंथा तेल खरीदना पसंद करेंगी।
डायरेक्टर नीरू मेंथॉल अमृत कपूर ने बताया कि रामपुर और मुरादाबाद में कई सुगंधित तेल की इकाइयां हैं। आयात शुल्क कम होने पर अमेरिका से ऑर्डर नियमित आएंगे, तो मेंथा के रेट में जो भारी उतार चढ़ाव होता था, वह कम होगा। किसानों को उनकी फसल का सही दाम मिलेगा। जब निर्यात का रास्ता साफ होगा और बड़े ऑर्डर आएंगे, तो मंडी में स्थिरता आएगी। यह डील उसे गिरते हुए बाजार में संभाल लेगी।
आईआईए चेयरमैन श्रीष गुप्ता अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गए टैरिफ को 50 प्रतिशत से 18 प्रतिशत किये जाने पर उद्योग जगत ने स्वागत किया है। भारत ने स्थिति को नियंत्रण में रखने की नीति अपनाई ,कोई रिश्ते खराब करने के बयान सरकार की ओर से नही दिए गए , वार्ता जारी रखी। टैरिफ की घोषणा से उद्योग जगत में उत्साह का माहौल है। रामपुर के निर्यातको को भी इसका लाभ होगा।
रामपुर मेंथा एसोसिएशन अध्यक्ष संचित गुप्ता ने बताया कि टैरिफ कम होने से रसायन, कृषि आधारित उत्पाद, फार्मास्यूटिकल्स, इंजीनियरिंग सामान और विशिष्ट सामग्री जैसे भारतीय निर्यात क्षेत्रों में मांग बढ़ने की संभावना है। मेन्थॉल, आवश्यक तेल, सुगंधित रसायन और अन्य मूल्यवर्धित कच्चे माल जैसे उत्पाद जिनमें भारत की वैश्विक बाजार में पहले से ही मजबूत स्थिति है। भारतीय निर्माताओं को अमेरिकी खरीदारों के साथ दीर्घकालिक आपूर्ति अनुबंधों पर विचार करने के लिए प्रोत्साहन मिल सकता है।
