4 फरवरी को 52 साल का हो जाएगा कानपुर प्राणी उद्यान, 52 बच्चों को मिलेगी फ्री एंट्री
कानपुर, अमृत विचार। एक ऊदबिलाव से शुरु हुए कानपुर चिड़ियाघर में अब 1240 वन्य जीवों का बड़ा कुनबा मौजूद है। ये चिड़ियाघर बुधवार यानी 4 फरवरी 2026 को 52 वर्ष का होने जा रहा है, इससे उत्साहित चिड़ियाघर के स्थापना दिवस पर प्रबंधन ने बुधवार को पहले आने वाले 52 बच्चों को मुफ्त चिड़ियाघर में इंट्री देने की घोषणा की है। शर्त ये है कि 12 साल के जो बच्चे चिड़ियाघर सुबह जल्दी पहुंचेंगे, उन्हे ही ये फ्री इंट्री मिलेगी।
बुधवार को चिड़ियाघर प्रशासन 52वीं वर्षगांठ को बेहद धूमधाम से मनाएगा जिसको लेकर तैयारी पिछले कई दिनों से चल रही है। 4 फरवरी 1974 को जब पहली बार इसके दरवाजे आम जनता के लिए खुले थे, तब किसी ने नहीं सोचा था कि एक ऊदबिलाव से शुरू हुआ यह सफर एक दिन 1240 वन्यजीवों के विशाल परिवार में बदल जाएगा।
क्षेत्रीय वन अधिकारी नावेद इकराम का कहना है कि 12 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए ये एक शानदार मौका है, उन्हें अपना आधार कार्ड या जन्म प्रमाण पत्र साथ लाना होगा। कानपुर चिड़ियाघर में 18 हैक्टेयर की प्राकृति झील भी फैली हुई है। ये जगह कभी मिस्टर एलन की हुआ करती थी, इसीलिए इसे 'एलेन फॉरेस्ट' कहा जाता है।
आज यहां 30 से ज्यादा तेंदुए, सफेद बाघ, बब्बर शेर और जेब्रा जैसे जीव पर्यटकों का मनोरंजन कर रहे हैं। चिड़ियाघर में वालाबी के दो नन्हे शावक, ढोल (जंगली कुत्ते) के तीन बच्चे और ग्रे वुल्फ के पांच शावकों ने जन्म लिया है। इतना ही नहीं, ऑस्ट्रिच के घोंसलों में आए अंडों ने भी प्रशासन की उम्मीदें जगा दी हैं। जू के डायरेक्टर कन्हैया पटेल का विजन स्पष्ट है- वे कानपुर के इस हरे-भरे फेफड़े को विश्वस्तरीय पहचान दिलाना चाहते हैं।
