अयोध्या: दिन में अनुष्ठान, शाम को पांच करोड़ घरों में सजेगी दीपमाला

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

अयोध्या, अमृत विचार। अयोध्या में प्राण-प्रतिष्ठा समारोह के दौरान देश के पांच लाख गांव और उसके आसपास विभिन्न धार्मिक स्थलों पर अनुष्ठान होंगे। सूर्यास्त होते ही देश के पांच करोड़ सनातनियों के घर व उनके आसपास दीपमाला से वातावरण जगमग हो उठेगा। प्राण-प्रतिष्ठा और उससे जुड़े कार्यक्रमों को विस्तार देने के लिए रविवार को अस्थाई मंदिर में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने 100 पूजित अक्षत कलश वितरण किया।

कलश लेने वालों में प्रदेश के 55 विभाग संगठन प्रभारी और 45 संगठनात्मक प्रांत प्रमुख शामिल रहे। कलश धारक प्रदेश स्तर पर इस आशय का मंथन करेंगे कि उनके प्रदेश में कितने जनपद हैं और हर जनपद को कितना अक्षत वितरित किया जाना है। 31 दिसंबर तक प्रदेश के हर जिले में अक्षत कलश पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। एक से 15 जनवरी घर-घर चार-चार दाने अक्षत पहुंचाकर रामलला के प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव को आनंदोत्सव के रूप में मनाने का आग्रह किया जाएगा।

ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने कहा गांव-गांव होने वाले आनंद उत्सव में लोग मंदिरों में एकत्र हों और टीवी के माध्यम से प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव को देखें। यहां समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, संघ प्रमुख मोहन भागवत, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मौजूद रहेंगे। इसके अतिरिक्त चार हजार प्रमुख संत और ढाई हजार के करीब देश के विभिन्न क्षेत्रों में अग्रणी भूमिका निभाने वाले विशिष्ट जन मौजूद रहेंगे।

उन्होंने बताया पूजित कलश और अक्षत ले जाने वालों में केरल, अरुणाचल प्रदेश, अंडमान निकोबार और सिक्किम के प्रांत प्रमुख भी शामिल हैं। महोत्सव संपन्न होने के बाद देश के अलग-अलग प्रांत को अलग-अलग तिथियां दी जाएंगी और वे संबंधित तिथि पर अयोध्या आकर रामलला के दर्शन कर सकेंगे।

कार्यक्रम में ट्रस्ट से बिजावर मठ के स्वामी विश्व प्रसन्न तीर्थ, महंत दिनेंद्र दास, डॉ. अनिल मिश्रा, महंत रामकुमार दास, पुजारी रमेश दास, महंत जयराम दास, विहिप के संयुक्त महामंत्री कोटेश्वर राव, केंद्रीय उपाध्यक्ष मीनाक्षी पिसवे, बजरंग दल के पूर्व संयोजक क्षेत्रीय संगठन मंत्री मनोज वर्मा, सोहन सोलंकी, गोरक्ष प्रांत के क्षेत्रीय धर्म प्रसार प्रमुख प्रदीप पांडे, प्रांत संयोजक राकेश वर्मा, क्षेत्रीय संगठन मंत्री गजेंद्र सिंह, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह क्षेत्र संपर्क प्रमुख मनोज, प्रांतीय मीडिया प्रभारी शरद शर्मा आदि उपस्थित रहे।

प्रांत प्रमुखों में दिखा गजब का उत्साह
पूजित कलश और अक्षत ले जाने वाले प्रांत प्रमुखों में अजब उत्साह दिखा। कहा कि 500 वर्षों बाद रामलला अपने मूल स्थान पर स्थापित हो रहे हैं। इससे बड़ी गर्व की बात और क्या हो सकती है? हम सभी अपने क्षेत्र में अक्षत का वितरण करेंगे। उन्हें रामलला के प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव में शामिल होने का आग्रह करेंगे। स्थानीय स्तर पर भी विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों के माध्यम से एक आनंद उत्सव मनाते हुए प्राण-प्रतिष्ठा के कार्यक्रम का हिस्सा बनने का आग्रह करेंगे।

यह भी पढ़ें;-अयोध्या: कभी राम बनके कभी श्याम बनके..., भरतकुंड महोत्सव में तृप्ति शाक्या के भजनों पर झूमे दर्शक

संबंधित समाचार

टॉप न्यूज