बाराबंकी: 'एक शाम चुरा लूं अगर बुरा न लगे'....। श्रोताओं के सिर चढ़कर बोली योगेंद्र भट्ट की गजल गायकी
देवा, बाराबंकी। देवा मेले में सोमवार की शाम प्रसिद्ध गजल गायक व आकाशवाणी के कलाकार योगेंद्र भट्ट के नाम रही। उन्होंने अपनी गजलें सुनाकर समां बांध दिया। श्रोता तालियां बजाते हुये गजल का आनंद लेते रहे l
कार्यक्रम की शुरुआत उन्होंने कैशर उल जाफरी की गजल 'तुम्हारे शहर का मौसम बड़ा सुहाना लगे मैं एक शाम चुरा लूं अगर बुरा न लगे ' गाकर की इसके बाद उन्होंने साज़ जबलपुरी की गजल ' तन्हा ना अपने आप को अब पाइये जनाब मेरी ग़ज़ल को साथ लिए जाइये जनाब ' प्रस्तुत कर खूब तालियां बटोरी फिर उन्होंने 'तेरा चेहरा कितना सोना लगता है' और 'तू माने या ना माने दिलदारा ' पंजाबी सूफी गीत भी पेश किया l
योगेंद्र भट्ट ताज महोत्सव,झांसी महोत्सव,लखनऊ महोत्सव, महादेवा महोत्सव, मैहर महोत्सव सहित कई जगहों पर अपनी प्रस्तुतियां दे चुके हैं और यह ग्वालियर घराने से ताल्लुक रखते हैं।
यह भी पढे़ं: बाराबंकी: छेड़छाड़ के आरोपी शिक्षक को तलाश रही पुलिस और जांच टीम, भय से छात्रा हुई गायब!
