लखनऊ : SGPGI में मल्टीडिसिप्लिनरी ट्रांसजेंडर क्लीनिक की होगी शुरूआत

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Edited By Amrit Vichar
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लखनऊ, अमृत विचार। राजधानी स्थित संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान में मल्टीडिसिप्लिनरी ट्रांसजेंडर क्लीनिक की शुरूआत की जायेगी। इस बात की जानकारी गुरुवार को एसजीपीजीआई के निदेशक प्रो. आरके धीमन ने संस्थान के लेक्चर थिएटर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान दी है। यह क्लीनिक हेपेटोलॉजी, एंडोक्राइनोलॉजी विभाग और एजुकेशन फाउंडेशन द्वारा वाईआरजी केयर के सहयोग से संचालित की जायेगी।

दरअसल, आज लेक्चर थिएटर में ट्रांसजेंडरों के चिकित्सा मुद्दों - "स्वास्थ्य का अधिकार पहल" पर एक जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया है। हेपेटोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. अमित गोयल ने बताया कि इस कार्यशाला के आयोजन के पीछे की प्रमुख वजह एसजीपीजीआई के सभी विभागों के चिकित्सकों से जानकारी साझा करना था। उन्होंने बताया कि हमारा उद्देश्य ट्रासजेंडर को आसानी से इलाज मुहैया कराना है। उन्होंने बताया कि ट्रांसजेंडर वे लोग होते हैं, जो अपनी लिंग पहचान को जन्म के साथ मिली अपनी पहचान से भिन्न मानते हैं। समाज में अधिकांशतः मान्यता अथवा स्वीकृति न मिलने के कारण, इन लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंचने और उनका उपयोग करने में कठिनाई और अनेक पूर्वाग्रहों  का सामना करना पड़ता है।

एसजीपीजीआई तीन दशकों से अधिक समय से समाज के आम आदमी की सेवा कर रहा है। पहली बार, संस्थान ने इस अपेक्षाकृत हाशिये पर मौजूद आबादी की सेवा के लिए पहल की है। ट्रांसजेंडरों के चिकित्सा मुद्दों पर स्वास्थ्यकर्मियो के बीच जागरूकता बढ़ाने और स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाने में ट्रांसजेंडरों के सामने आने वाली समस्याओं का समाधान करने के लिए, एसजीपीजीआई के हेपेटोलॉजी, एंडोक्रिनोलॉजी और एजुकेशन फाउंडेशन विभाग ने वाईआरजी केयर के सहयोग से ट्रांसजेंडर्स के सामाजिक और चिकित्सीय मुद्दे पर एक जागरूकता कार्यक्रम  का आयोजन किया। 

ट्रांसजेंडर समुदाय के प्रतिनिधि और वाईआरजी केयर के सदस्यों के साथ एसजीपीजीआई के पैथोलॉजी, मनोचिकित्सा, प्लास्टिक सर्जरी, एंडोक्रिनोलॉजी, यूरोलॉजी, हेपेटोलॉजी विभाग के डॉक्टरों के एक पैनल ने ट्रांसजेंडर समुदाय के चिकित्सा और नैतिक मुद्दों पर बात की।
वाईआरजी केयर के डॉ. रजनीश पांडे ने ट्रांसजेंडरों के चिकित्सा मुद्दों और स्वास्थ्य देखभाल सुविधाओं तक पहुंचने के दौरान आने वाली समस्याओं से निपटने में अपने अनुभव साझा किए। ट्रांसजेंडर समुदाय के प्रतिनिधि ने ट्रांसजेंडरों के सामने आने वाले सामाजिक मुद्दों और स्वास्थ्य देखभाल तक पहुंच में आने वाली कठिनाइयों को भी साझा किया।

ट्रांसजेंडरों के लिए आसानी से सुलभ स्वास्थ्य देखभाल सुविधाओं को बढ़ावा देने के लिए अनुसंधान करने में नैतिक मुद्दों पर चर्चा की गई। विशेषज्ञों द्वारा मनोचिकित्सक की भूमिका, एसजीपीजीआई में उपलब्ध सर्जरी, यूरोलॉजिकल उपचार और ट्रांसजेंडरों के लिए हार्मोनल थेरेपी पर भी चर्चा की गई। इस कार्यक्रम का आयोजन हेपेटोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. अमित गोयल द्वारा किया गया था।

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