लखनऊ के केजीएमयू में एमबीबीएस की छात्रा की इलाज के दौरान मौत

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Edited By Amrit Vichar
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लखनऊ, अमृत विचार। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) की छात्र शिल्पी चौधरी (18) की मौत हो गई। शिल्पी चौधरी केजीएमयू में एमबीबीएस प्रथम वर्ष की छात्रा थी। उनका इलाज केजीएमयू के क्रिटिकल केयर मेडिसिन विभाग में चल रहा था।

दरअसल, एमबीबीएस की छात्रा शिल्पी चौधरी ने एक नवंबर की दोपहर फांसी लगाकर आत्महत्या का प्रयास किया था। जानकारी होते ही केजीएमयू प्रशासन ने छात्रा को क्रिटिकल केयर यूनिट में भर्ती कराया जहां उसका इलाज चल रहा था। आखिरकार शिल्पी गुरुवार सुबह जिंदगी की जंग हार गई।

बताया जा रहा है कि 1 नवंबर दोपहर में क्लास कर चुकी छात्रायें मेस में खाना खाने जा रही थीं, लेकिन छात्रा शिल्पी भोजन करने नहीं गई और सीधे हॉस्टल चली गई और अपने कमरें में पहुंच कर दुपट्टे से फांसी लगा ली, लेकिन तभी उसके कमरे के पास पहुंची छात्रा ने उसे लटकते हुये देख लिया और शोर मचाना शुरू कर दिया था।

शोर सुनकर मौके पर कर्मचारी पहुंच गये और कमरे का दरवाजा तोड़कर छात्रा को उतारा और क्रिटिकल केयर मेडिसिन में भर्ती कराया था। केजीएमयू के प्रवक्ता डॉक्टर सुधीर सिंह ने बताया कि छात्र के मृत्यु का कारण  मल्टी-ऑर्गन फेल्योर के साथ मस्तिष्क में रक्त प्रवाह अवरुद्ध होने के कारण होना बताई जा रही है।

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