UP: जब सब मनाएंगे दीपावली... तब कुशाग्र के परिजनों के दिलों में छाएगा अंधेरा, परिवार वाले बार-बार पूछ रहे एक ही सवाल

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Edited By Amrit Vichar
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कानपुर में कुशाग्र के परिजन त्योहार पर रोते रहे।

कानपुर में दीपावली के त्योहार पर कुशाग्र को याद कर परिजन रोते रहे। पहली बार बिना लाडले की दीपावली पर मां सोनिया उसकी तस्वीर देखकर फूट-फूटकर रोती बिलखती रहीं। पिता और चाचा भी सुबकते रहे।

कानपुर, अमृत विचार। दीपावली पर सूरत के कपड़ा कारोबारी मनीष कनोडिया के 16 वर्षीय पुत्र कुशाग्र कनोडिया के घर परिजनों के दिलों में अंधेरा है। पहली बार बिना लाडले की दीपावली पर मां सोनिया उसकी तस्वीर देखकर फूट-फूटकर रोती बिलखती रहीं। पिता और चाचा भी सुबकते रहे।

शुक्रवार को घर में 12वें काआयोजन किया गया। इस दौरान 12 ब्राह्मणों को भोजन कराकर कीर्तन हुआ। इसके बाद कुशाग्र की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई। परिजनों ने हत्यारोपी टयूशन टीचर रचिता वत्स, प्रभात शुक्ला व शिवा उर्फ आर्यन को फांसी की सजा की मांग की। कहा कि उनका जवान बच्चा चला गया। परिवार पूरी तरह से बिखर चुका है।

पुलिस अपना काम करे लेकिन चार्जशीट दाखिल करने में जल्दबाजी न करे। परिजनों ने कहा कि हत्याकांड में जिस तरह से पुलिस ने आशनाई का बयान जारी किया था, उससे परिवार को बहुत बड़ा धक्का लगा था। परिवार बहुत सदमे में है। वे लोग हमेशा भाजपा सरकार के साथ खड़े रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग है कि इस संकट की घड़ी में हम लोगों का साथ देना चाहिए।

कानपुर नगर के भाजपा के लोगों को उनके साथ होना चाहिए। परिजनों ने कहा कि सरकारें आती और जाती रहेंगी। लेकिन परिवार को न्याय चाहिए। घर कोई आए या नहीं लेकिन विश्वास दिलाए कि परिवार को न्याय मिलेगी। अगर न्याय नहीं मिला तो जनता का सरकार पर से विश्वास उठ जाएगा।

यह है मामला

आचार्य नगर के श्री भगवती विला अपार्टमेंट निवासी मनीष कनोडिया का 16 वर्षीय पुत्र कुशाग्र जयपुरिया स्कूल से दसवीं की पढ़ाई कर रहा था। वह स्वरूप नगर स्थित कोचिंग जाने के लिए घर से निकला था, लेकिन लापता हो गया। कुशाग्र को पूर्व में ट्यूशन पढ़ने वाली शिक्षिका रचिता वत्स ने अपने प्रेमी प्रभात शुक्ला और एक अन्य शिव गुप्ता के साथ मिलकर अपहरण कर लिया था। बाद में उन्होंने कुशाग्र की हत्या कर दी।

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