हल्द्वानी: गौला नदी में छठ पूजा के बाद सुनाई देगी फावड़े बेलचों की खन-खन

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Edited By Amrit Vichar
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हल्द्वानी, अमृत विचार। गौला नदी में इस खनन सत्र में फावड़े-बेल्चों की खन-खन छठ पूजा के बाद ही सुनाई देगी। वन विभाग ने नदी में सीमांकन पिलर्स, तटबंध व रास्ता बनाने का काम शुरू कर दिया है जो कि छह पूजा तक पूरा हो जाएगा हालांकि इलेक्ट्रॉनिक कांटों को लेकर विवाद हो गया है।

ऐसे में संभावना है कि खनन की तैयारियों में समय लग सकता है। प्रदेश में खनन सत्र एक अक्टूबर से शुरू होता है। इस साल दिवाली देरी से होने की वजह से खनन शुरू होने में एक माह की देरी हो चुकी है।

दरअसल, खनन मजदूर पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश से आते हैं जो कि दिवाली और छठ पूजा के बाद ही पहुंचते हैं हालांकि वन विभाग ने नदी में सीमांकन पिलर्स, तटबंध, वाहनों के लिए रास्ता बनाने का काम शुरू कर दिया है जो दिवाली के बाद पूरा हो जाएगा। इधर, वन विकास निगम का इलेक्ट्रॉनिक कांटों को लेकर पुराने ठेकेदार से विवाद हो गया है। यह मामला हाईकोर्ट पहुंच गया है ऐसे खनन छठ पूजा के बाद भी शुरू होता  नहीं दिख रहा है।  खनन वाहन स्वामियों का कहना है कि समय से खनन शुरू किया जाए ताकि वाहनों को लाभ हो सके। 


वन विभाग ने गौला नदी में सीमांकन पिलर्स, तटबंध बनाने का काम लगभग पूरा कर लिया है। रास्ते बना दिए हैं लेकिन नदी में जाने के रास्ते में खाई नहीं पाटी गई है क्योंकि अवैध खनन का खतरा है। वन निगम जब मांग करेगा तक खाई पाट दी जाएगी।
- चंदन सिंह अधिकारी, गौला रेंजर तराई पूर्वी वन डिवीजन

दिवाली की छुट्टी में  नहीं कर सकेंगे अवैध खनन 
हल्द्वानी : गौला रेंजर चंदन सिंह अधिकारी ने बताया कि दिवाली की छुट्टियों में अवैध खनन पर शिकंजा कसने के लिए सचल दल तैनात किया गया है। तीन अलग-अलग टीमें बनाई गईं हैं जो आठ-आठ घंटे के अंतराल पर नदी में गश्त करेंगी। इस तरह सार्वजनिक अवकाश में भी नदी की निगरानी की जाएगी। उन्होंने बताया कि यदि कोई अवैध खनन करते पकड़ा गया तो नियमानुसार कार्रवाई होगी। 

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