बरेली: दो साल बाद परिवार को मिले राधेश्याम, एक दिन पहले झोली में आ गईं दिवाली की खुशियां
फोटो- - जिला मऊ के रहने वाला राधेश्याम दो साल पहले हुआ था गुम।
बरेली, अमृत विचार। दो साल पहले राधेश्याम गुम हो गए। परिजनों ने खोजबीन की, मगर उनका कोई पता नहीं चला। दिवाली से एक दिन पहले मनोसमर्पण पुनर्वास केंद्र के माध्यम से वह अपने परिजनों से मिल पाए। परिजन इतने खुश थे कि कि ऐसा लगा कि एक दिन पहले ही उनकी झोली में दिवाली की खुशियां आ गई हों। अब वह परिजनों के साथ घर पर दिवाली मनाएंगे।
जिला मऊ के थाना दोहरीघाट के गांव सरंगुआ मेहदुपार निवासी राधेश्याम पुत्र हरिशचंद्र प्रसाद (45) दो साल पहले पानीपत गए थे, वहां वह एक फैक्ट्री में पैकिंग का काम करते थे। वह पानीपत से गुम हो गए। परिवार के लोग उन्हें तलाशते रहे, लेकिन उनका पता नहीं चला।
दिल्ली के मनीष सिन्हा को राधेश्याम सड़क पर भटकते मिले। उन्होंने मानसिक विक्षिप्त लोगों की सेवा में समर्पित मनोसमर्पण पुनर्वास केंद्र बरेली के फाउंडर और मनोवैज्ञानिक शैलेश शर्मा से संपर्क किया। उन्हें केंद्र में शिफ्ट कर दिया गया। काउंसलिंग के बाद राधेश्याम ने अपना पता बताया तो उनके बेटे से संपर्क किया गया। शनिवार को राधेश्याम को लेने उनका बेटा अमन, पत्नी गीता देवी पुनर्वास केंद्र पहुंचे और राधेश्याम से मिलकर उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
यह भी पढ़ें- बरेली: अमृत विचार कार्यालय और प्रिंटिंग यूनिट में दिवाली पूजा, वैदिक मंत्रों के बीच हुआ पूजन
