बरेली: दिवाली निकली...अधूरा रहा गड्ढामुक्त सड़कों का सपना

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Edited By Amrit Vichar
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मुख्यमंत्री के निर्देश पर मंडलायुक्त और जिलाधिकारी ने दिवाली तक सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का दिया था आदेश

बरेली, अमृत विचार। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का दिवाली से पहले सड़कों को गड्ढामुक्त करने का आदेश का जिले में पालन नहीं हो सका। मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल और जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने पिछले दिनों समीक्षा बैठक में भी पीडब्ल्यूडी के अफसरों को विशेष अभियान चलाकर सड़कों का गड्ढा मुक्त करने की कार्ययोजना बनाने के साथ ही दिवाली तक काम पूरा करने का समय दिया था। अब दिवाली बीत गई, लेकिन इक्का दुक्का सड़कों को छोड़कर अधिकांश गड्ढे जस के तस हैं।

इसके अलावा गन्ना विभाग की सड़कें भी नहीं बन सकीं है। अफसरों का तर्क है कि मुख्यालय प्रस्ताव भेजने के बाद भी सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का अभियान बजट न मिलने की वजह से पूरा नहीं हो सका। जिन सड़कों के लिए बजट मिला था वहां अधिकांश जगहों पर काम पूरे हो गए हैं।

दो महीने पहले मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद लोक निर्माण विभाग, नगर विकास और ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अफसरों ने शहर और जिले में पांच सौ से अधिक सड़कों पर गड्ढे गिनवाए थे। मौके का निरीक्षण करने के बाद अफसरों ने अभियंताओं के माध्यम से चिह्नित सड़कों के एस्टीमेट तैयार कराए, लेकिन काम अधिकांश जगह अब तक नहीं शुरू हो सका। पीडब्ल्यूडी की शहर और ग्रामीण क्षेत्र की करीब 200 सड़कें तो ऐसी हैं, जहां एक भी गड्ढा नहीं भरा गया। लिहाजा, लोगों को त्योहार पर इन्हीं ऊबड़-खाबड़ सड़कों से मजबूरी में निकलना पड़ा।

दावा: पहले चरण में 78 और दूसरे में 86 सड़कों को मंजूरी
लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों की मानें तो शासन ने अब तक 164 सड़कों की विशेष मरम्मत मंजूर की है। इनमें मुख्यालय ने पहले चरण में 78 सड़कों के 98.31 किलोमीटर हिस्से में विशेष मरम्मत के लिए 17.32 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। यह सड़कें 27 नवंबर तक गड्डामुक्त हो सकेंगी। जबकि दूसरे चरण में 86 सड़कों के 106 किलोमीटर हिस्से की मरम्मत के लिए 16.78 करोड़ रुपये मंजूर किए गए। इसमें 4.20 करोड़ रुपये आवंटित कर दिए हैं। टेंडर निकाल दिए गए हैं। बजट देरी से मिलने की वजह से 15 दिसंबर तक इन सड़कों की विशेष मरम्मत का कार्य पूरा हो पाएगा।

अब मौसम देगा चुनौती, दिक्कत बढ़ना तय
जिले की सड़कों पर कहीं पैचवर्क का काम होना तो कहीं गड्ढा मुक्त करने को सड़क ही नए सिरे से बनाई जानी है। विभागीय इंजीनियरों का कहना है कि दिवाली के बाद तापमान तेजी से कम होगा। दिसंबर में तो तापमान कम होने से डामर के मार्ग का निर्माण कराना मुश्किल होता है। ऐसे में दूसरे चरण की सड़कों की मरम्मत के लिए मौसम की चुनौती भी रहेगी।

अब जनप्रतिनिधियों को क्या जवाब देंगे अफसर
आए दिन होने वाली विकास कार्यों से जुड़ी बैठकों में जनप्रतिनिधि खराब सड़कों का मुद्दा उठाते रहते हैं। दिशा की बैठक में कई विधायक अपने क्षेत्र की खराब सड़कों को लेकर अफसरों पर बिफर चुके हैं। पिछले दिनों पीडब्ल्यूडी मंत्री के सामने भी विधायकों ने यह मुद्दा रखा। ऐसे में अफसरों को भी चिंता है अब की बैठक में जनप्रतिनिधि सड़कों का मुद्दा उठाएंगे तो वह जवाब क्या देंगे।

बुखारा-फरीदपुर निर्माण का कीजिए और इंतजार
एनएच 24 से गौसगंज होते हुए बुखारा-फरीदपुर मार्ग लंबे समय से बदहाल है। दिसंबर 2022 में ही इसकी मरम्मत पर 32 लाख रुपये खर्च किए गए थे। अब इस सड़क का पहले से भी ज्यादा बुरा हाल है। पिछले दिनों अधीक्षण अभियंता अभिनेश कुमार ने सड़क ठीक कराने के एक्सईएन को निर्देश दिए थे, लेकिन अधिशासी अभियंता का कहना है कि मार्ग के नए सिर से निर्माण पर मंथन चल रहा है।

पीलीभीत रोड पूरी तरह गड्ढा मुक्त हो चुकी है। दिवाली से पहले 225 किमी सड़कें विशेष मरम्मत और नवीनीकरण के लिए चयनित की गई थीं। इनमें पचास फीसदी सड़कों पर काम पूरा हो गया है। शहर की सड़कें नगर निगम और बीडीए की हैं--- नारायण सिंह, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग।

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