Unnao Suicide : युवक व जेल से छूटे अधेड़ ने फांसी लगाई... मौत, मां ने बेटे की हत्या की जताई आशंका
उन्नाव में युवक व अधेड़ के फंदे पर शव लटके मिले।
उन्नाव में अलग-अलग स्थानों में युवक व जेल से छूटे अधेड़ ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। युवक की मां ने बेटे की हत्या की आशंका जताई। पुलिस मामले की जांच पड़ताल में जुटी।
उन्नाव, अमृत विचार। अलग -अलग थानाक्षेत्रों में युवक समेत जेल से छूटे अधेड़ ने फांसी लगाकर जान दे दी। दही थानांतर्गत राजेपुर मोहल्ले में युवक का शव संदिग्ध हालात में लटका मिला। दिवंगत की मां ने बेटे की हत्या की आशंका जताई है।
वहीं बीघापुर कोतवाली क्षेत्र में अधेड़ ने गांव के बाहर जंगल में पेड़ से फंदे पर लटका मिला। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
केस-1
सुशील विश्वकर्मा (30) पुत्र रामस्वरूप मूलरूप से सफीपुर कोतवाली क्षेत्र के कटियामऊ खिरिया गांव का निवासी था। उसने 10 साल पहले पड़ोसी गांव की गीता से अंतर्जातीय प्रेम विवाह किया था। इसके बाद वह पत्नी को लेकर दही थानांतर्गत राजेपुर वाजिदपुर मोहल्ले में अपने मकान में रहकर शटरिंग का काम करता था।
बीती 30 अक्टूबर से पत्नी गीता बच्चों के साथ मायके में है। भाई अंकित ने बताया कि बुधवार सुबह भाभी ने मोहल्ले के पड़ोसी को फोन पर बताया कि पति ने फांसी लगा ली है। वह मां विशुना के साथ राजेपुर पहुंचा और पुलिस को सूचना दी। घर में लगा ताला कटा हुआ था। वहीं सुशील का शव रस्सी के सहारे फंदे से लटक रहा था। जांच के बाद पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया।
मां ने बेटे की हत्या की आशंका जताई है। उसका कहना था कि बेटे सुशील ने उसे बताया था कि पत्नी मकान अपने नाम करने की जिद कर रही है। वहीं सूत्रों के अनुसार पीएम ने हैंगिंग से मौत की बात सामने आई है। एसओ अनुराग सिंह ने बताया फांसी की सूचना पर शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कर्रवाई की जाएगी।
केस-2
शुद्धि लाल (50) पुत्र स्व. सूर्य प्रसाद बीघापुर कोतवाली क्षेत्र के भैसई कोयल गांव का निवासी था। मंगलवार शाम को घर से बिना बताए निकला था। जब वह देररात तक नहीं लौटा तो परिजनों ने उसकी तलाश की। सुबह गांव के बाहर जंगल में खड़े बबूल के पेड़ में गमछे के फंदे से उसका शव लटका देख ग्रामीणों ने परिजनों को जानकारी दी।
बड़े भाई बुद्धि की सूचना पर दरोगा लक्ष्मण प्रसाद पांडेय ने जांच के बाद शव को पेड़ से उतरवा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। बताते है कि दिवंगत शुद्धि को जिला एवं सत्र न्यायालय से एनडीपीएस एक्ट में सजा हुई थी। वह 14 साल से जेल में बंद था। कुछ माह पूर्व ही वह बाहर आया था। तबसे वह परेशान रहता था। उसकी मौत से पत्नी ममता और बच्चे रो-रोकर बेहाल रहे।
