पतंगबाजी से लोगों की जान खतरे में,मेट्रो संपत्ति का नु़कसान
-सावधान: यूपीएमआरसी मेट्रो कॉरिडोर के आस-पास पतंगबाजों की कर रहा सख्त निगरानी
लखनऊ । मेट्रो के नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर (मुंशीपुलिया से सीसीएस एयरपोर्ट मेट्रो स्टेशन) के बीच पतंगबाजी से लगातार मेट्रो सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। लखनऊ मेट्रो के अधिकारी लंबे समय से मेट्रो कॉरिडोर के आस-पास के इलाकों मे जा कर लोगों को मटैलिक मांझे से पतंगबाजी ना करने के लिए जागरूक करते रहे हैं। इसके बावजूद लोग मेट्रो कॉरिडोर के आस-पास मटैलिक मांझे से पतंगबाजी कर अपनी जान खतरे में डालने के साथ मेट्रो संपत्ति को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। मेट्रो ने इससे निपटने के लिए कॉरिडोर के आस-पास सख्त निगरानी शुरु कर दी है। मेट्रो कोरिडोर के आस-पास पतंग उड़ाने से न केवल मेट्रो सेवाओं को नुकसान होता है, बल्कि बिजली की आपूर्ति में भी कई बार बाधा आती है। चाइनीज और मटैलिक मांझे से पतंगबाजी करने से पतंग उड़ाने वालों की जान को भी खतरा रहता है। मेट्रो कॉरिडोरप के आस-पास पतंग उड़ाकर मेट्रो संपत्ति को नुकसान पहुंचाना दंडनीय अपराध है। मेट्रो मेट्रो संपत्ति को नुकसान पहुंचाने पर 10 साल की सजा बिना वारेंट गिरफ्तारी का प्रावधान है।
चाइनीज मांझा से होने वाले नुकसान:-
-चाइनीज मांझा में पतंगबाजी के लिए धातु के प्रयोग से बिजली आपूर्ति बाधित होती है।
-पतंगबाजी के इन तरीकों से राहगीरों के गले और आंखों पर गंभीर चोट लगती है और पशु-पक्षियों का जीवन भी प्रभावित होता है।
-भारतीय रेल के मेट्रो, पारेषण और वितरण के अलावा, राष्ट्रीय ग्रिड और उत्तर प्रदेश बिजली विभाग भी प्रभावित हो रहे हैं।
- मेट्रो की ओएचई लाइन 25 हजार वोल्ट या 25 केवी के वोल्टेज को बिजली की आपूर्ति करती है, और इस प्रकार, बिजली के झटके से पतंग उड़ाने वाले की मौत भी हो सकती है।
