Etawah Train Fire: एक जिले में दो ट्रेनों में आग, लापरवाही या साजिश, उठ रहे सवाल…

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Edited By Amrit Vichar
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इटावा में दो ट्रेनों में आग लगने से सवाल उठ रहे।

इटावा में दो ट्रेनों में आग लगने से सवाल उठ रहे। दरभंगा क्लोन एक्सप्रेस में आग के बाद वैशाली में आग लगी थी। दोनों हादसों में एक जैसी समानता भी है।

इटावा, बीरेश मिश्रा। इटावा जिले में नौ घंटे के अंतराल पर दो एक्सप्रेस ट्रेनों में आग लगने की घटनाओं ने रेलवे सुरक्षा और खुफिया तंत्र को सकते में डाल दिया है। दोनों ही घटनाओं में कुछ समानताएं भी दिख रही हैं। दोनों ही ट्रेनें बिहार जा रही थीं और दोनों ही ट्रेनों में स्लीपर कोच ही आग की चपेट में आए।

दरभंगा क्लोन एक्सप्रेस में आग सरायभूपत में लगी तो वहीं वैशाली एक्सप्रेस में इटावा स्टेशन के आउटर पर आ लगी। दोनों ही स्टेशनों के बीच की दूरी बमुश्किल आठ किलोमीटर है।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि आग लगने की घटना सामान्य है या स्लीपर कोच में यात्रा करने वाले यात्रियों की लापरवाही का नतीजा है या कोई सोची समझी साजिश का हिस्सा। रेलवे सुरक्षा बल, जीआरपी के साथ ही खुफिया तंत्र भी इनपुट जुटा रहा है। रेलवे सुरक्षा बल के डीआईजी एम सुरेश ने सरायभूपत और इटावा में दोनों घटना स्थलों पर जाकर जांच पड़ताल की। 

दरभंगा और वैशाली दोनों ही गाड़ियां डाउन लाइन की थीं। दोनों ट्रेनों में छठ की भारी भीड़ बिहार की ओर जा रही थी। दोनों ट्रेनों के स्लीपर कोच में आग लगी जिसमें सामान्य से ज्यादा यात्री होते हैं और ऐसे कोच सामान से ठसाठस भरे होते हैं। दरभंगा के स्लीपर कोच में पहले बताया गया कि कोच के नीचे करंट सप्लाई करने वाले कंडेशनर सिलेंडर से आग लगी लेकिन कंडेशनर सिलेंडर स्लीपर कोच के नीचे होता ही नहीं।

इसके बाद पटाखों या देशी बम विस्फोट और शार्ट सर्किट की बात कही जाने लगी। बताया गया कि दरभंगा एक्सप्रेस में दिल्ली से बिहार जाने वाला कोई यात्री अपने साथ झोले या गठरी में पटाखे लेकर जा रहा था। वह झोला बाथरूम के पास रखा था। उसी झोले में पटाखों का विस्फोट हो गया जिससे दरभंगा में आग लग गई।

वहीं वैशाली के स्लीपर कोच में आग लगने के कारणों के बारे में अभी जांच जारी है। वैशाली के कोच में आग उस समय लगी जब रात्रि के 2.12 बज रहे थे। अधिकतर यात्री सो रहे थे। अभी यह कोई नहीं बता पा रहा है कि आग लगी कैसे। 

दोनों घटनाएं इटावा में ही क्यों

कुछ ही दूरी और कुछ ही समय के बाद एक जैसी लगातार दो घटनाएं कहीं न कहीं साजिश के सवाल जरूर पैदा कर रही हैं। पटाखों से आग लगी मान भी लें तो सवाल उठता दोनों घटनाएं इटावा में ही क्यों हुईं। जिलाधिकारी अवनीश कुमार राय और एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने घायलों से मुलाकात कर हालचाल पूछा। एसएसपी ने बताया कि रेलवे की उच्चस्तरीय जांच हो रही है। आग लगने के कारणों का जल्द पता चल जाएगा।

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