मलकेगांव में सामने आया मित्र पुलिस का अलग चेहरा, प्रदर्शन कर रहे लोगों से कोतवाल ने कही ये बात 

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Edited By Amrit Vichar
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रायबरेली, अमृत विचार। सरेनी के मलकेगांव में घर के भीतर बन रहे अवैध पटाखा में विस्फोट होने से दो बालकों की मौत हो गई है। इस पर पीड़ित परिवार ने एक बार फिर कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। मौके पर पहुंचे लालगंज कोतवाल की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो गए हैं। कोतवाल कुछ अलग ढंग से ग्रामीणों को समझाते नजर आए। धमकी देने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। हालाँकि वायरल वीडियो में स्पष्ट आवाज नहीं आ रही है। अमृत विचार इस वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है।  

बीते शुक्रवार को मलकेगांव में नसरीन बानो के घर पर अवैध पटाखा बनाए जा रहे थे। इस काम में गांव को चार बच्चों को भी बहला-फुसलाकर लाया गया था। दोपहर के समय बारूद में विस्फोट होने से मनीष कुमार, सौरभ, शीजा (8) पुत्री कलाम मोहम्मद व गोविंद पुत्र भैयालाल गंभीर रूप से झुलस गए थे। सभी को लखनऊ ट्रामा सेंटर भर्ती कराया गया था जहां पर मगंलवार की रात सौरभ और मनीष की मौत हो गई। इसके बाद दोनों के परिवार के लोगों का गुस्सा भड़क गया। बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद जब शव आए तो परिवार के लोगों और ग्रामीणों ने मलकेगांव चौराहा पर शव रखकर जाम लगा दिया और जमकर हंगामा किया था। मृतक सौरभ की मां संतोषा ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी कर जमकर हंगामा किया। 

मामले की जानकारी मिलने पर सरेनी सहित चार थानों की पुलिस मौके पर पहुंची लेकिन वह आक्रोश को दबा नहीं सकी। इस पर तहसीलदार मंजूला मिश्रा पहुंची तथा उन्होंने पीड़ित परिवार से बात की। पीड़ित परिवार का कहना था कि नसरीन बानो को जेल भेजा जाए, गांव में किसी को भी पटाखा का लाइसेंस न दिया जाए, 25 लाख रुपया नकद और दो बीघा जमीन दी जाए। इस पर काफी देर तक तहसीलदार, सीओ लालगंज ने पीड़ितों से बात की लेकिन नतीजा नहीं निकला। परिजन अपनी मांग पर अड़े रहे। इसके बाद शाम को प्रशासन की तरफ से आश्वासन दिया गया कि पात्र होने पर पीड़ित परिवारों को जमीन का पट्टा, एक आवास और डीएम तथा प्रशासन स्तर पर दी जाने वाली सहायता राशि दी जाएगी। जिस पर पीड़ित परिवार के लोग मान गए और दोनों बालकों के शव को अंतिम संस्कार के लिए भेजा गया। मामले की आरोपी महिला अभी तक फरार है जिस पर कार्रवाई को लेकर पीड़ित परिवार ने शुक्रवार को फिर प्रदर्शन किया। 

इस दौरान लालगंज पुलिस मौके पर पहुंची और कोतवाल लालगंज ने समझाने की जगह एक ग्रामीणों को धमकी भरे अंदाज में पुलिसिया चेहरा दिखाया। इसकी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए है। वीडियो में कोतवाल कहते दिखे हैं कि पांच मिनट में खड़े होते नजर नहीं आओगे। 

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