मुरादाबाद : उगते सूर्य को अर्घ्य के साथ पूरा हुआ व्रत

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Edited By Amrit Vichar
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बदला मौसम का मिजाज....छठ पूजा के दौरान रामगंगा नदी के तट पर छाया रहा कोहरा

मुरादाबाद,अमृत विचार। आस्था के महापर्व छठ पूजा का सोमवार को चौथे दिन उगते हुए सूर्य देवता को अर्घ्य देने के साथ ही समापन हो गया। चौथा दिन यानी सप्तमी तिथि छठ महापर्व का अंतिम दिन होता है। इस दिन सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है और इसी के साथ छठ महापर्व का समापन हो जाता है। छठ महापर्व की शुरुआत नहाय-खाय से होती है। इसके बाद दूसरे दिन खरना, तीसरे दिन संध्या अर्घ्य और चौथे दिन को ऊषा अर्घ्य के नाम से जाना जाता है। 

सीएल गुप्ता घाट पर, चट्टा पुल, लाइनपार, बुद्धि बिहार में बनाए गए घाट के बीच श्रद्धालुओं ने गंगा के बीच खड़े होकर उगते हुए सूर्य को अर्ध्य दिया और पूजा अर्चना कर विश्व में सुख शांति की कामना की। चार दिन का पर्व छठ पूजा का समापन उषा अर्घ्य के साथ होता है।

इस दिन उगते सूर्य को अर्घ्य देने के बाद छठ के व्रत का पारण किया जाता है। इस दिन व्रत रखने वाले लोग सूर्योदय से पहले नदी के घाट पर पहुंचकर उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देते हैं। इसके बाद सूर्य देव और छठ माता से संतान के सुखी जीवन और परिवार की सुख-शांति और सभी कष्टों को दूर करने की कामना करते हैं।

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