अयोध्या: आस्था के महासागर में लाखों श्रद्धालुओं ने लगायी डुबकी, पंचकोसी परिक्रमा पूरी
अयोध्या, अमृत विचार। श्रीराम, जय राम, जय जय राम का जयघोष गुरुवार को परिक्रमा कर रहे हर श्रद्धालु के आध्यत्मिक ऊर्जा का संचार कर रहा था। रामनाम की धुन में तल्लीन श्रद्धालुओं ने 15 किलोमीटर परिधि की नंगे पांव नाप दी। एडीएम सिटी सलिल कुमार पटेल ने बताया कि लाखों श्रद्धालुओं ने पंचकोसी परिक्रमा की।
देवोत्थानी एकादशी लगते ही बुधवार रात 9:25 बजे शुभ मुहूर्त पर परिक्रमा पथ आस्था का जो सैलाब उमड़ा वह गुरुवार शाम 7:21 बजे तक चलायमान रहा। लगभग 24 घंटे चली इस परिक्रमा में श्रद्धालुओं ने आस्था के महासागर में डुबकी लगायी। जिला व पुलिस प्रशासन के अधिकारी भी परिक्रमा पथ पर भ्रमणशील रहे व्यवस्थाओं का जायजा लेते रहे।
पंचकोसी परिक्रमा में आस्था के अलग-अलग रंग देखने को मिले।
साधु-संतों की टोली, महिलाएं, पुरुष, बुजुर्ग, युचा और बच्चे ढोल नगाड़ों के साथ आस्था के रंग में सराबोर रहे। सीसीटीवी के जरिए पूरे परिक्रमा पथ की निगरानी कराई जा रही थी। इस दौरान परिक्रमार्थियों ने पतित पावनी मां सलिला सरयू में स्नान किया और मठ-मंदिरों में दर्शन-पूजन किया। 14 कोसी व पंचकोसी परिक्रमा सकुशल संपन्न होने के बाद जिला व पुलिस प्रशासन अब कार्तिक पूर्णिमा मेले के तीसरे चरण पूर्णिमा स्नान सकुशल संपन्न कराने की कवायद में जुटा गया है।
बिछड़ने वालों को मिलता रहा खोया-पाया कैंप
परिक्रमा के दौरान भीड़ में श्रद्धालु एक-दूसरे से बिछड़ते रहे। इधर-उधर तलाशने के बाद जब भी अपनों से भेंट नहीं हुई तो वे स्थापित खोया-पाया कैंप में पहुंच गए। जहां ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी माइक के जरिए एक-दूसरों को मिलाने में अहम योगदान देने रहे थे। पंचकोसी परिक्रमा के दौरान एक पांच वर्षीय बालिका अपने परिवार से बिछुड़ कर उदया चौराहे पर रोते हुए इधर उधर भटक रही थी।
ड्यूटी पर तैनात पुलिस बल की नजर पड़ी तो नगर कोतवाल अश्विनी कुमार पाण्डेय ने बच्ची से पूछताछ की और पब्लिक अनाउंसमेंट के माध्यम से बालिका के परिवार की तलाश शुरू कराई। माता-पिता निर्मला पत्नी मुन्ना निवासी ग्राम अनवरखेडा थाना आसीवन उन्नाव को उदया चौराहे बुला कर और सत्यापन के बाद बच्ची को उनके हवाले किया है। वहीं इसी चौराहे के पास दूसरा बच्चा विनायक भी पुलिस को रोता मिला।
टीम ने बच्चे से पूछताछ की। उसने अपना नाम विनायक पुत्र विजय सिंह, मां का नाम वंदना और स्कूल का नाम टीपी कॉन्वेंट अयोध्या बताया। पुलिस ने स्कूल प्रिंसिपल के माध्यम अभिभावक का मोबाइल नम्बर हासिल कर संपर्क किया। नगर कोतवाल अश्विनी कुमार पाण्डेय ने बताया कि दो बिछुड़े बच्चों को उनके परिवार के हवाले किया गया है।
घायल वृद्धा का कराया उपचार
परिक्रमा करने आई वृद्धा सरस्वती पत्नी जगदम्बा प्रसाद निवासी मनकापुर गोंडा सरयू स्नान के दौरान चोट लगने से घायल हो गई। घाट पर तैनात जल पुलिस के प्रभारी रुबे प्रताप मौर्य की टीम ने महिला को अस्थायी उपचार केंद्र पहुँचाया। जहां से उसे एंबुलेंस से श्री राम चिकित्सालय में भर्ती कराया गया।
खूब चला सेल्फी और रील का जादू
आजकल सेल्फी लेना और रील बनाना आम बात हो गई है। इसकी झलक पंचकोसी परिक्रमा के दौरान भी देखने को मिली। श्रद्धालु ही नहीं परिक्रमा कर रहे साधु-संत भी सेल्फी, वीडियो स्ट्रीमिंग करना व रील बनाते नजर आए। काशी से पंचकोसी परिक्रमा करने आए 68 वर्षीय संत प्रेमदास ने कहा कि यादों के लिए वीडियो बना लेते हैं। काशी जाकर सबको दिखाएंगे कि अयोध्या की परिक्रमा कितनी अच्छी है। युवाओं ने परिवार व दोस्तों के साथ खूब सेल्फी ली।
कर्तव्य निर्वहन के साथ पुण्य भी किया अर्जित
लाखों श्रद्धालुओं के साथ मंडलायुक्त गौरव दयाल, आईजी प्रवीण कुमार, डीएम नितीश कुमार, सीडीओ अनिता यादव व एसएसपी राजकरन नय्यर परिक्रमा में पुण्य अर्जित करने के साथ कर्तव्य का भी निर्वहन करते दिखे। अधिकारियों ने परिक्रमा करने के दौरान श्रद्धालुओं के लिए की गई सुरक्षा और व्यवस्था का भी जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी देते रहे। साथ ही श्रद्धालुओं का कुशलक्षेम भी पूछते रहे। उप निदेशक सूचना डॉ. मुरलीधर सिंह ने भी परिक्रमा की।
कार्तिक पूर्णिमा स्नान 26 को
14 और पंचकोसी परिक्रमा के संपन्न होने के बाद अब जिला प्रशासन कार्तिका पूर्णिमा स्नान को सकुशल संपन्न कराने की तैयारियों में जुट गया है। कार्तिक पूर्णिमा स्नान का शुभ मुहूर्त 26 नवंबर की दोपहर 3:11 बजे से 27 नवंबर की दोपहर 2:36 बजे तक का है। कार्तिक पूर्णिमा स्नान पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु सरयू में स्नान कर मठ-मंदिरों में अपने आराध्य का दर्शन-पूजन कर आराध्य के प्रति श्रद्धा निवेदित करते हैं।
श्रद्धालुओं को दी गईं विधिक जानकारियां
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में गुरुवार को पंचकोसी परिक्रमा में आए श्रद्धालुओं को ध्यान भवन के पास शिविर लगाकर विधिक जानकारियां भी प्रदान की गईं। शिवर का उद्घाटन प्राधिकरण सचिव शैलेंद्र सिंह यादव ने किया। पूरे समय चले इस शिविर के दौरान श्रद्धालुओं को पंपलेट और पोस्टर का भी वितरण किया गया। इस मौके पर पराविधिक स्वयंसेवक विनय कुमार यादव व विकास कुमार चौधरी उपस्थित रहे।
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