Allahabad High Court: सरकारी सेवा में प्रवेश के समय हाईस्कूल प्रमाणपत्र में दर्ज जन्मतिथि में बदलाव संभव नहीं
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि वर्ष 1980 में संशोधित उत्तर प्रदेश सेवा भर्ती (जन्म तिथि का निर्धारण) नियम, 1974 के नियम 2 के अनुसार सरकारी सेवा में प्रवेश के समय हाईस्कूल प्रमाणपत्र में दर्ज जन्मतिथि या सेवा में प्रवेश के समय हाईस्कूल परीक्षा उत्तीर्ण न होने की स्थिति में सेवा पुस्तिका में दर्ज की गई जन्मतिथि ही अंतिम होगी और जन्मतिथि में किसी भी प्रकार के सुधार के लिए किसी भी आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा।
कोर्ट ने आगे कहा कि यूपी राज्य की विधायिका ने 7.6.1980 को 1974 के नियमों के नियम 2 में संशोधन किया है और इस तरह यह प्रावधान किया गया है कि सरकारी कर्मचारी की हाईस्कूल प्रमाणपत्र में दर्ज जन्मतिथि सरकारी सेवा में उसके प्रवेश के समय, सेवा लाभ के प्रयोजनों के लिए अंतिम होगी और उक्त जन्म तिथि में परिवर्तन के लिए किसी भी आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा।
1974 की असंशोधित नियमावली के नियम 2 में सरकारी सेवा में प्रवेश के समय' शब्द गायब था, लेकिन 1974 की नियमावली के नियम 2 में संशोधन करते समय, उक्त शब्द को विधायिका द्वारा विशिष्ट अर्थ के साथ जोड़े गए थे। उक्त टिप्पणी न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की एकल पीठ ने याची श्रीमती कविता कुरील की याचिका को खारिज करते हुए दिया है।
याची ने याचिका के माध्यम से जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, झाँसी द्वारा पारित आदेश दिनांक 19.4.2023 को चुनौती दी है, जिसके तहत पूर्व आदेश दिनांक 25.3.2023 जिसके माध्यम से सेवा रिकॉर्ड में दर्ज याची की जन्मतिथि को सही किया गया था, को बाद में वापस ले लिया गया है और याची को उसकी जन्मतिथि 3.11.1960 के आधार पर सेवा से सेवानिवृत्त कर दिया गया है।
वहीं दूसरी तरफ सरकारी अधिवक्ता ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि 1974 के नियमों के नियम 2 में सरकारी कर्मचारी की जन्मतिथि का निर्धारण हाईस्कूल प्रमाण पत्र के अनुसार ही मान्य है और किसी भी परिस्थिति में उक्त जन्म तिथि में सुधार के लिए कोई आवेदन या प्रतिनिधित्व पर विचार नहीं किया जाएगा।
आगे यह तर्क दिया गया है कि यह स्वीकृत तथ्य है कि याची के सरकारी सेवा में प्रवेश की तिथि पर उसके हाईस्कूल परीक्षा के प्रमाण पत्र में उसकी जन्मतिथि 3.11.1960 दर्ज की गई थी, इसलिए 1974 के नियम 2 के प्रावधानों के मद्देनजर सेवा लाभ के प्रयोजनों के लिए उक्त जन्मतिथि अंतिम होगी।
आगे यह भी तर्क दिया गया कि सरकारी सेवा में प्रवेश के बाद यदि सरकारी कर्मचारी के हाई स्कूल प्रमाणपत्र में दर्ज जन्म तिथि किसी सक्षम प्राधिकारी द्वारा बदल दी जाती है, तो उक्त जन्मतिथि को सरकारी सेवक के सेवा रिकॉर्ड में दर्ज नहीं किया जा सकता, क्योंकि 1974 के नियमों का नियम 2 जन्मतिथि में बदलाव के लिए किसी भी आवेदन पर रोक लगाता है।
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