Vishweshvara Vrat 2023: भगवान भोलेनाथ को समर्पित है विश्वेश्वर व्रत, जानें तिथि, महत्व और पूजा विधि
Vishweshvara Vrat 2023। विश्वेश्वर व्रत देवो के देव महादेव को समर्पित है। कर्नाटक में भगवान विश्वेश्वर मंदिर, येलुरु श्री विश्वेश्वर मंदिर के रूप में प्रसिद्ध है। यह मंदिर भोलेनाथ को समर्पित है। भोलेनाथ को भगवान विश्वेश्वर के नाम से भी जाना जाता है। यह व्रत मुख्य रूप से कर्नाटक में मनाया जाता है। इस दिन पर विश्वेश्वर मंदिर में भगवान शिव की विशेष पूजा की जाती है। विश्वेश्वर व्रत कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि और भीष्म पंचक के तीसरे दिन यानी आज 25 नवंबर 2023 को मनाया जा रहा है।
विश्वेश्वर व्रत तिथि और समय
- तिथि आरंभ - 25 नवंबर 2023 - 05:22
- चतुर्दशी तिथि समाप्त - 26 नवंबर 2023 - 03:53
महत्व
इस अवसर पर भक्त येलुरु श्री विश्वेश्वर मंदिर में जाकर महादेव की विधि विधान से पूजा करते हैं। यह कर्नाटक के उडुपी जिले में येल्लूर के छोटे से गांव में स्थित है। यह मंदिर एक सहस्राब्दी से भी अधिक पुराना है, और यह बारह शिलालेखों में दिखाई देता है।
पूजा विधि
इस शुभ दिन पर साधक को सुबह जल्दी उठकर स्नान करना चाहिए। इसके बाद भोलेनाथ के सामने व्रत का संकल्प लेना चाहिए। इस दिन शिव लिंग पर फल, दूध और मिठाई चढ़ाना बहुत शुभ माना जाता है। पूजा का समापन महादेव की आरती से करना चाहिए और व्रत का पारण अगले दिन सुबह सात्विक भोजन से करना चाहिए। अंत में भगवान विश्वेश्वर का आशीर्वाद लेने के लिए मंदिर जाना चाहिए।
(नोट- यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। अमृत विचार इसकी पुष्टी नहीं करता है।)
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