उमेश पाल हत्याकांड: नफीस बिरयानी का खास शूटर था पांच लाख का इनामी अरमान
प्रयागराज, अमृत विचार। दो दिन पहले मुठभेड़ में गिरफ्तार 50 हजार के इनामी नफीस बिरयानी ने पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे किये है। उसने बताया है कि उमेश पाल हत्याकांड में फरार पांच लाख का इनामी शूटर अरमान उसका खास और दाहिना हाथ था। दोनों छह साल पहले दर्ज हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज हुआ था।
उमेश पाल हत्याकांड में पांच लाख के तीन इनामी शूटर अभी भी फरार चल रहे हैं। जिनमें अरमान भी शामिल है। अरमान बिहार के गया का रहने वाला है। वह सिविल लाइंस में पैलेस सिनेमा के पीछे स्थित बस्ती में अपनी बुआ रुखसार के पर पर रहता था। अरमान जब बिहार से प्रयागराज आया तो सबसे पहले उसका दोस्ती नफीस से हुई।
उस वक्त सिविल लाइंस में नफीस बिरयानी की दुकान थी। नफीस से दोस्ती बढ़ी और नफीस ने उसे अपना गुर्गा बना लिया। वह उसकी रुपयों से मदद करता था। बदले में अरमान उसके लिए कोई भी काम करने के लिए खड़ा रहता था। 17 सितंबर 2017 को उसने नफीस के इशारे पर ही एक घटना को अंजाम दिया था।
अरमान ने सिविल लाइंस में दिनदहाड़े हत्या की नीयत से सोडा पानी की दुकान चलाने वाले रंजीत कुमार सोनकर वह खुलेआम गोली चला दी थी। मामले में भुक्तभोगी की पत्नी प्रीति की तहरीर पर सिविल लाइंस पुलिस ने हत्या के प्रयास व एससी एसटी एक्ट समेत कई धाराओं में मुकदमा दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार किया था। उस दौरान सीओ सिविल लाइंस श्रीश्चंद ने इस मामले में दोनों के खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल की थी।
अरमान को नफीस ने कराया था अतीक गैंग में शामिल
शूटर अरमान को नफीस ने ही अतीक गैंग में शामिल कराया था। नफीस ने अरमान को पहले अशरफ से मिलवाया था। बाद में अशरफ का खास बन गया। नफीस हमेशा अपने अरमान को साथ रखता था। बाद में उमेश पाल हत्याकांड के बाद अरमान फरार हो गया।
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