बरेली: प्रतिष्ठानों के सर्वे का उद्यमी और व्यापारियों ने शुरू किया विरोध

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बरेली, अमृत विचार। सरकार ने वार्षिक टर्नओवर के आधार पर प्रतिमाह 10 प्रतिष्ठानों का सर्वे व तलाशी का फरमान जारी किया है। इंडियन डंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए) आदेश को मानने से इनकार करते हुए इसे निरस्त करने की मांग कर रहा है। वहीं व्यापारी भी आरपार की लड़ाई का मन बना चुके हैं। अलग-अलग व्यापारिक संगठन …

बरेली, अमृत विचार। सरकार ने वार्षिक टर्नओवर के आधार पर प्रतिमाह 10 प्रतिष्ठानों का सर्वे व तलाशी का फरमान जारी किया है। इंडियन डंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए) आदेश को मानने से इनकार करते हुए इसे निरस्त करने की मांग कर रहा है। वहीं व्यापारी भी आरपार की लड़ाई का मन बना चुके हैं। अलग-अलग व्यापारिक संगठन एक मंच पर आ गए हैं।

व्यापारियों का कहना है कि जरूरत पड़ी तो 40 वर्ष पहले जैसा आंदोलन होगा। 1980 में इस तरह के फैसले के खिलाफ व्यापारी एकजुट हुए थे। 40 दिनों तक दुकानें बंद रखीं गईं थीं। कोरोना महामारी के बीच उद्यमी और व्यापारी परेशान हैं। वह सरकार से इस आदेश को तत्काल वापस लेने की मांग कर रहे हैं।

“सरकार की मंशा है इंडस्ट्रीज पूरी क्षमता से चले लेकिन सरकार ने सर्वे व छापे का जो आदेश दिया है, उससे उद्योग और व्यापार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। कोरोना काल की वजह से उद्योग 50 फीसदी क्षमता से चल रहे हैं। पूरे लाकडाउन में व्यापारियों और उद्यमियों ने सरकार का सहयोग किया। अब सरकार को व्यापारियों की मदद करनी चाहिए। इस फैसले को तत्काल स्थगित कर दें।” -बिमल रेवाड़ी, डिवीजनल चेयरमैन, आईआईए

“व्यापारी वर्ग 1980 से सर्वे का विरोध करता आ रहा है। तब इसके खिलाफ 40 दिनों तक दुकानें बंद रखीं गईं थीं। वैट और जीएसटी के सर्वे का व्यापारी लगातार विरोध कर रहा है। पहले कभी इस तरह का सर्वे नहीं हुआ। टर्नओवर या बिक्री के आधार पर सर्वे करना सरासर गलत है। गड़बड़ी की आशंका पर छापेमारी का विरोध नहीं किया जाएगा। अगर बेवजह व्यापारियों का उत्पीड़न हुआ तो व्यापार मंडल किसी भी कीमत पर इसे बर्दाश्त नहीं करेगा।” -रवि प्रकाश, प्रदेश अध्यक्ष, पश्चिमी उद्योग व्यापार मंडल

“व्यापारियों के प्रतिष्ठानों पर वाणिज्यकर विभाग के मनमाने सर्वे और छापे बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। जब उप्र व्यापारी कल्याण बोर्ड का गठन हुआ था, तब सरकार ने सहमति के बाद ही किसी नए कानून, आदेश पर फैसला लेने की बात कही थी। अब अनदेखी करके व्यापारियों के उत्पीड़न का आदेश पारित कर दिया गया। पश्चिमी उद्योग व्यापार मंडल इस सर्वे का पूर्णरूप से विरोध करता रहेगा।” -राजेंद्र गुप्ता, प्रांतीय महामंत्री, उद्योग व्यापार मंडल

“जारी आदेश के मुताबिक सालाना 10 करोड़ से ज्यादा टर्नओवर वाले पांच व्यापारी, पांच से दस करोड़ के टर्नओवर वाले तीन व्यापारी, डेढ़ से पांच करोड़ टर्नओवर वाले एक और सालाना डेढ़ करोड़ रुपये से कम आय वाले एक व्यापारी का सर्वे किया जाना है। इस दौरान स्टॉक ज्यादा मिला या फिर टर्नओवर में किसी तरह की हेरफेर मिली तो माल जब्त करने, विवेचना व कार्रवाई का प्रावधान है।” -गौरीशंकर, डिप्टी कमिश्नर, वाणिज्यकर विभाग

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