बरेली: तीन सौ बेड अस्पताल में नहीं इमरजेंसी सुविधा
ओपीडी के दौरान ही कई मरीज हो जाते हैं गंभीर, लेकिन दो बजे के बाद पसर जाता है सन्नाटा
बरेली, अमृत विचार। तीन सौ बेड अस्पताल में लंबी जद्दोजहद के बाद ओपीडी तो शुरू हो गई लेकिन इतने बड़े अस्पताल में इमरजेंसी की सुविधा नहीं है। यहां रोजाना दोपहर 2 बजे के बाद सन्नाटा पसरा रहता है। यही नहीं रविवार को छुट्टी के दिन तो अस्पताल में ताला पड़ा रहता है, क्योंकि यहां इमरजेंसी सेवा ही नहीं है। ऐसे में कोई मरीज आता है तो उसे परेशान होना पड़ता है। मजबूरी में उसे या तो काफी दूर जिला अस्पताल या फिर किसी निजी अस्पताल में इलाज के लिए जाना पड़ता है।
वर्ष 2016 में 300 बेड अस्पताल का निर्माण पूर्ण हुआ तो लोगों को आस जगी कि यहां उच्च स्तरीय इलाज मिलेगा, लेकिन कई साल तक राजनीतिक दांव पेच के चलते संचालन तक नहीं हो सका। कोविड काल में यहां कोरोना मरीजों की जांचें कर उन्हें भर्ती किया गया। पिछले दिनों तत्कालीन कमिश्नर संयुक्ता समद्दार के आदेश पर यहां ओपीडी का संचालन शुरू हुआ, लेकिन यहां इमरजेंसी सुविधा नहीं है। यदि ओपीडी में आने वाले किसी मरीज की हालत गंभीर हो गई तो उसको भर्ती कर इलाज मिलना मुश्किल है। विभागीय अफसर भी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
वार्ड बना पर भटकते हैं मरीज
अस्पताल परिसर में इमरजेंसी वार्ड बना हुआ है। यहां नर्सिंग स्टाफ भी तैनात रहता है लेकिन डॉक्टर न होने से इमरजेंसी सुविधा मरीजों को नहीं मिल पा रही है। यहां परिसर में बने कर्मचारी आवासों में डॉक्टर समेत अन्य स्टाफ निवास कर रहा है। ऐसे में एक डॉक्टर ओपीडी के बाद यहां सेवाएं दे सकते हैं, लेकिन विभागीय आदेश न होने के चलते इमरजेंसी सुविधा शुरू नहीं हो पा रही है।
इमरजेंसी सेवाएं जिला अस्पताल में संचालित हैं। तीन बेड अस्पताल में इमरजेंसी सुविधा शुरू करने संबंधी कोई शासनादेश नहीं है। वहीं डॉक्टरों की कमी होना भी बड़ा कारण है। -डाॅ. विश्राम सिंह, सीएमओ
