लखनऊ: चालक महासंघ प्रतिनिधिमण्डल को अपर मुख्य सचिव का आश्वासन, मांगों पर जताई सहमत

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लखनऊ। लखनऊ में शनिवार को राजकीय वाहन चालक महासंघ के प्रतिनिधि मण्डल ने अपर मुख्य सचिव कार्मिक देवेश चतुर्वेदी से मुलाकात कर उन्हें राजकीय चालकों की पांच सूत्रीय मांगों से अवगत कराते हुए उनके निस्तारण की मांग रखी। अपर मुख्य सचिव ने चालक महासंघ के पदाधिकारियों की मांगों विस्तार से सुनने के उपरान्त उनकी मांगों पर सहमति जताते हुए उन्होंने जल्द कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।

प्रदेश अध्यक्ष रिजवान अहमद ने बताया कि बैठक में अपर मुख्य सचिव के समक्ष मुख्य रूप से ग्रेड वेतन 2000 रुपये, समस्त राजकीय वाहन चालकों पर लागू प्रतिशत व्यवस्था समाप्त करते हुए प्रथम नियुक्ति पर वेतनमान 5200-20200 ग्रेड पे 2400, नौ वर्ष की सेवा में प्रथम प्रोन्नत वेतनमान 5200-20200 ग्रेड पे 2800, प्रोन्नति वर्ष 15 पर वेतनमान 9300-34800 ग्रेड पे 4200 और प्रोन्नति वर्ष 18 में वेतनमान 9300-34800 ग्रेड पे 4800 रुपये दिया जाए।

आउटसोर्सिग व्यवस्था खत्म कर रिक्त पदों पर भर्ती तथा पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल की जाए। ग्रीष्म कालीन वर्दी भत्ता 1500 रुपये और शीतकालीन वर्दी भत्ता 2600 तथा सिलाई मूल्य महंगाई के अनुरूप दिया जाए। जूता बाजार मूल्य 800 रूपये, कम्बल 600, छत्ता 200 रूपये, वर्दी धुलाई भत्ता 100 रूपये तथा छाते के स्थान पर प्रति दो की सेवा में रेनकोट दिया जाए।

उन्होंने मांग की कि शासन एवं सरकार द्वारा जारी शासनादेश, आदेश निर्देश सभी विभागों, निदेशालय, निगमों, स्थानीय निकायों कृषि विश्वाविद्यालय, प्राविधिक,तकनीकि विश्वविद्यालयों में भी लागू किए जाए। बैठक में शाहिद अली प्रदेश सलाहकार राजकीय वाहन चालक महासंघ, रिजवान अहमद सिद्दीकी प्रदेश अध्यक्ष, जयप्रकाश त्रिपाठी प्रदेश महामंत्री, वीरेंद्र पांडे प्रदेश मंत्री, रमेश कुमार प्रदेश प्रचार मंत्री सम्मिलित थे।

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