अन्तर्राष्ट्रीय दिव्यांग दिवस की पूर्व संध्या पर निकाली गई जागरुकता रैली, डा. शंखवार ने हरी झंडी दिखाकर कही यह बड़ी बात
वाराणसी। दिव्यांगजनों के सबसे महत्वपूर्ण दिन अन्तर्राष्ट्रीय दिव्यांग दिवस की पूर्व संध्या पर इंटीग्रेटेड इंस्टीट्यूट फॉर द डिसेबल्ड द्वारा एक जनजागरूकता रैली निकाली गई। रैली का उद्घाटन काशी हिन्दू विश्वविद्यालय, चिकित्सा विज्ञान संस्थान के निदेशक डॉ. एसएन शंखवार ने हरी झण्डी दिखाकर किया।

रैली को सम्बोधित करते हुए डा. एसएन शंखवार ने कहा कि दिव्यांग बच्चे अपने परिवार में काफी अपेक्षित हैं। संस्थान की ओर से इस प्रकार की जनजागरूकता रैली के आयोजन से दिव्यांगजनों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का एक अवसर मिलता है। इससे वह उन सभी कौशलों में बढ़-चढ़कर प्रतिभाग करते हैं, जिसकी अक्सर उपेक्षा होती है।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि डा. नरसिंह राम ने कहा कि दिव्यांग बच्चों के प्रति हमें संवेदनशील होना चाहिए। प्रो. बी. राम ने कहा कि स्वस्थ समाज का उत्थान तो सभी लोग करते हैं लेकिन दिव्यांगजनों के लिए संस्थान जो कि एक परिवार के समान है द्वारा किए जा रहे कार्य काफी सराहनीय है। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रो. बृजेश अस्थवाल एवं डा. लक्ष्मण सिंह, राजेन्द्र प्रसाद, संतरपाल श्रीमती संगीता आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम में अतिथियों का स्वागत संस्थान के महासविच एसके सब ने किया।
आपको बता दें कि दिव्यांगजनों के लिए निकाली जा रही रैली करौंदी स्थित संस्थान परिसर से चलकर आदित्य नगर स्थित सरदार बल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा के पास पहुंची। यहां विशिष्ट बच्चों के साथ-साथ संस्थान के प्रशिक्षकों, प्रशिक्षणार्थियों तथा अन्य कर्मचारियों ने प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर निःशक्तता के प्रति फैली कुरूतियों, क्लेश एवं अभिशाप मिटाने का संकल्प लिया।
रैली आदित्य नगर से पुनः संस्थान वापस आकर गोष्ठी के रूप में परिवर्तित हो गयी। रैली का नेतृत्व संस्थान के महासचिव श्री एस. के. राव ने किया एवं कार्यक्रम का संचालन प्रधानाचार्य रामकेश एवं धन्यवाद ज्ञापन जोनस जोसेफ ने किया।
रैली में मुख्य रूप से संस्थान के प्रधानाचार्य श्री रामकेश, अंजना शुक्ला, सुषमा वर्मा, फूल चन्द भारती, श्वेता सिंह, अमित खरवार, विनोद यादव, अर्जुन वर्मा, ममता सिंह, इन्दु, अनामिका सिंह, सोनी, सुनिता, संतोष गुप्ता, प्रशान्त यादव, अवधेश कुमार एवं संस्थान के प्रशिक्षणार्थी मौजूद रहे।
