बरेली: 13 साल से नहीं लाइब्रेरियन, अपडेट नहीं सामान्य ज्ञान की पुस्तकें
बरेली, अमृत विचार। अंग्रेजों के समय में स्थापित शहर का एक मात्र राजकीय जिला पुस्तकालय का हाल खराब है। वर्ष 1864 में स्थापित हुए इस पुस्तकालय में करीब 13 साल से लाइब्रेरियन ही नहीं हैं।
महीनों से सामान्य ज्ञान की पुस्तकें अपडेट नहीं की गई हैं। इससे पुस्तकालय पहुंचने वाले उन छात्र-छात्राओं को परेशानी हो रही है जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि 159 साल पुराने इस पुस्तकालय के सौंदर्यीकरण के लिए बजट नहीं है।
नियमित तौर पर लाइब्रेरी का कार्यभार संभालने वाला न होने से कई और दिक्कतें भी यहां बनी हुई हैं। अफसर भी इसकी सुध नहीं ले रहे हैं। जीआईसी की दीवार से सटी इंद्रा मार्केट के पास राजकीय जिला पुस्तकालय में मई के बाद से सामान्य ज्ञान से जुड़ी केवल एक ही पत्रिका आती है।
बाकी सामान्य ज्ञान की किताबें महीनों पुरानी हैं। इस समय पुस्तकालय में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राओं के लिए सामान्य ज्ञान की पुस्तकें अगस्त से आना बंद हो गई हैं। पुस्तकालय में कार्यरत क्लर्क ने बताया कि पुस्तकालय का बजट काफी कम है और छात्र भी जब कोई प्रतियोगी परीक्षा आती है तभी आते हैं।
जब हमारे पास छात्र प्रतियोगी किताबों की मांग करते हैं तो हम ये मांग शासन को भेज देते हैं। पुस्तकालय की क्षमता 50 सीटों की है, जब छात्रों की संख्या बढ़ जाती है तो हम खुद ही सीटों का इंतजाम करवाते हैं। इस समय पुस्तकालय में लेखिका मनु भंडारी की संस्मरण की किताबों का बंडल आया हुआ है।
पुस्तकालय में साहित्य से जुड़ी किताबें हैं। धार्मिक, उर्दू और इंग्लिश की भी पुरानी किताबें हैं। पुस्तकालय में लाइब्रेरियन की नियुक्ति नहीं होने से किताबों का रखरखाव भी ठीक तरह से नहीं हो पाता है। पुस्तकालय में कार्यरत क्लर्क एवं मौजूदा प्रभारी किताबों का संरक्षण ही करते हैं। छात्रों को जरूरत पड़ने पर एंट्री कर किताबें देते हैं। इस वजह से परिसर का एक किताबों का हाल बंद भी रखा जाता है, जिससे किताबें सुरक्षित रह सकें।
क्या कहते हैं छात्र
मैं तीन महीनों से एसएससी की तैयारी कर रहा हूं,ऑनलाइन क्लास लेता हूं। यहां से करंट अफेयर की किताबें लेता ही नहीं, बाहर से ही खरीद लेता हूं।
-पुष्पेन्द्र
मैं टीचिंग की तैयारी कर रही हूं,अपनी सामान्य ज्ञान से जुड़ी और बाकी किताबें लेकर आती हूं, यहां से नहीं लेती हूं।
-कंचन चंद्रा
मैं सिविल सर्विसेज की तैयारी कर रहा हूं, यहां तीन माह से आ रहा हूं। अपनी सभी किताबें खुद लेकर आता हूं।
-विवेक
मैंने यहां बैंकिंग की तैयारी के लिए आना शुरू किया है। फिलहाल, अभी तक कोई किताब यहां से ली नहीं है।
-वेदप्रिया
