लखनऊ : घर छोड़ने को तैयार नहीं भीखमपुर के लोग, प्रशासन ने बिजली पानी के कनेक्शन काटे

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Edited By Amrit Vichar
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लखनऊ, अमृत विचार। राजधानी के पेपर मिल कालोनी स्थित भीखमपुर में करीब 78 मकान को तोड़ने के लिए प्रशासन की टीम मंगलवार को सुबह ही इलाके में पहुंच गई। इस दौरान भारी तादात में पुलिस और पीएसी के जवान भी मौके पर मौजूद रहे। इतना ही नहीं बुल्डोजर के साथ एलडीए और नगर निगम की टीमें भी मौके पर मुस्तैद दिखाई पड़ी। इन मकानों से लोगों को हटाने के लिए सोमवार को ही मंडलायुक्त ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिये थे।

भीखमपुर

मंगलवार को इन मकानों के बिजली और पानी के कनेक्शन प्रशासन के इशारे पर काट दिये गये। जिससे लोग यहां से चले जायें, लेकिन लोगों पर इसका भी असर नहीं पड़ा। युवाओं से लेकर बुजुर्ग तक वहीं डंटे रहे। इस इलाके के करीब 14 लोगों ने प्रशासन की तरफ से दिये गये मकान आवंटन पत्र को ले लिया है। जबकि मौके पर अन्य लोगों ने आवंटन पत्र लेने से इंकार कर दिया। 

जिला प्रशासन के अधिकारी स्थानीय निवासियों को समझाने में जुटे हुये थे। अधिकारी सुरक्षा बालों के साथ एक-एक घर मे जाकर लोगों से मकान आवंटन का पत्र लेने को कह रहीं थीं, लेकिन स्थानीय निवासी अपना घर छोड़कर जाने के लिए तैयार नहीं थे, साथ ही कई स्थानीय निवासियों ने जिला प्रशासन की टीम का जमकर विरोध भी किया।

दरअसल कुकरैल सौंदर्यीकरण को लेकर इन मकानों को चिन्हित किया गया था। बताया जा रहा है कि यह मकान कुकरैल की परिधि में आते हैं और जिला प्रशासन ने यहां बने मकानों को अवैध घोषित कर रखा है। प्रशासन की  तरफ से लोगों से अपील की जा रही है कि वह अपना मकान खाली कर दें। साथ ही यहां के निवासियों को जिनका मकान तोड़ा जाना है उनको दूसरी जगह पर प्रशासन ने मकान भी आवंटित कर दिया है, मौके पर लोगों को आवंटन दस्तावेज भी दिए जा रहे हैं। लेकिन यहां के बहुत से निवासी मकान खाली करने को राजी नहीं है। लोगों का कहना है कि एक-एक कमरे का मकान दिया जा रहा है। जिस जगह से हमकों हटाया जा रहा है। यहां हम करीब 60 सालों से रह रहे हैं। ऐसे में हम इस जगह को छोड़कर नहीं जायेंगे।

सौंदर्गीकरण में बाधक बन रहे अतिक्रमण 

बता दें कि कुकरैल नदी को प्रदूषण मुक्त कराने को लेकर मंडलायुक्त डॉ. रोशन जैकब ने सोमवार को बैठक की थी। इस दौरान उन्होंने मातहतों को निर्देश दिए थे कि कुकरैल नदी के सौदर्गीकरण के काम में बाधक बन रहे अतिक्रमण को तत्काल हटाए जाएं। मुनादी कराकर अतिक्रमणकारियों को दो दिन का समय दिया जाए और सामान कहीं और ले जाने को कहा जाए।मंडलायुक्त ने कहा था कि अवैध अतिक्रमण कर रहे लोगों को विस्थापित किया जाये। उन्होंने इस दौरान संपत्तियों को ध्वस्त करने का आदेश भी दिया था। उन्होंने कहा था कि ध्वस्तीकरण के दौरान संबंधित घरों की वीडियोग्राफी कराई जाए। घर का सामान शिफ्ट करने के दौरान जरूरत होगी तो प्रशासन उनकी मदद करेगा।

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