बरेली: मुश्किलों से घिरी एंबुलेंस की राह...मरीजों की जान आफत में
बरेली, अमृत विचार। 102 और 108 एंबुलेंस सेवा मरीजों के लिए राहत दे रही है, एक कॉल पर एंबुलेंस मरीजों की चौखट पर पहुंच जाती है, मगर अतिक्रमण ने एंबुलेंस की राह मुश्किल कर दी है। पहले कुतुबखाना पुल निर्माण तो अब अतिक्रमण के कारण जिला अस्पताल तक गंभीर मरीजों को पहुंचाने में एंबुलेंस चालक को जूझना पड़ता है। ऐसे मरीजों की जान आफत में फंस जाती है।
दरअसल, पटेल चौक से कुतुबखाना और अस्पताल रोड पर अतिक्रमण कारियों का कब्जा है, जिससे आए दिन एंबुलेंस जाम में फंस रही हैं। कई बार एंबुलेंस कर्मियों की ओर से शिकायत भी दर्ज कराई जा चुकी है। इससे मरीजों को एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाने की जो समय सीमा निर्धारित है, वह भी प्रभावित हो रही है। इसका असर लक्ष्य भी पड़ रहा है। फिलहाल, जिला अस्पताल की एडीएसआईसी डॉ. अलका शर्मा ने नगर आयुक्त और कोतवाली में पत्र भेजकर रास्ते से अतिक्रमण हटवाने की मांग की है, ताकि एंबुलेंस की राह आसान हो सके।
एक साल में 80 हजारों मरीजों की बचाई जान
विभागीय अधिकारियों के अनुसार 108 एंबुलेंस से हर माह करीब 3 से 4 हजार और 102 एंबुलेंस से करीब चार हजार मरीज अस्पताल तक पहुंचते हैं। पूरे साल में एंबुलेंस के माध्यम से तकरीबन 80 हजार मरीज अस्पताल तक इलाज कराने के लिए पहुंच रहे हैं। इन मरीजों को अस्पताल तक लाने के लिए जिले में कुल 84 एंबुलेंस संचालित हो रही हैं।
रूट पर अतिक्रमण, मरीजों की जान जोखिम में
कुतुबखाना ओवरब्रिज निर्माण शुरू होने पर जिला पंचायत रोड पर दीवार तोड़कर मार्ग बनाया गया। उस दौरान इस नए रास्ते पर अतिक्रमण नहीं था, लेकिन निर्माण की रफ्तार बढ़ने के बाद इंद्रा मार्केट से लेकर अस्पताल के मुख्य द्वार तक अतिक्रमण हो गया है।
विभाग को मिली सात नई एंबुलेंस
बीते दिनों एंबुलेंस सेवा प्रदाता कंपनी की ओर से बैठक की गई थी। जिसमें जिले में संचालित कुछ एंबुलेंस की हालत ठीक नहीं होने की बात सामने आई थी। मंगलवार को शासन ने स्वास्थ्य विभाग को सात नई एंबुलेंस दी हैं, जो बुधवार दोपहर तक विभाग को प्राप्त हो जाएंगी।
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