मिशन 2024: क्षेत्र के विकास के साथ तैयार होगी सियासी जमीन

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। पिछले साल अपनी निधि दबाकर रखने वाले जिले के दोनों सांसदों ने अब लोकसभा चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है।

चुनाव प्रचार के दौरान जनता को शिकायत का मौका न मिले, इसलिए दोनों ने विकास कार्यों की झड़ी लगाने की शुरुआत कर दी है और अपनी निधि से काम कराने के लिए एकमुश्त 140 प्रस्ताव भेज दिए हैं। संतोष गंगवार की ओर से पिछले साल की निधि से भी प्रस्ताव दिए गए हैं लेकिन धर्मेंद्र कश्यप ने अब भी अपना हाथ खींचकर रखा है। हालांकि दोनों का जोर ग्रामीण क्षेत्रों में काम कराने का ज्यादा है।

लोकसभा चुनाव- 2024 अब करीब आने लगा है। ऐसे में क्षेत्र में होने वाले विकास कार्यों से भी मतदाता सांसदों का रिपोर्ट कार्ड तैयार करेगी। पांच साल बाद जब दोनों वोट मांगने पहुंचेंगे तो जनता को अपनी उम्मीदों का हिसाब-किताब चुकता करने के साथ सवाल करने का भी मौका मिलेगा, दोनों सांसदों के प्रस्ताव यही जता रहे हैं।

बरेली के सांसद संतोष गंगवार और आंवला सांसद धर्मेंद्र कश्यप की पांच-पांच करोड़ की निधि पिछले दिनों आ गई थी। संतोष गंगवार का पिछले साल की निधि का भी करीब ढाई करोड़ रुपया अवशेष था, जिसे वह खर्च नहीं कर पाए थे। आंवला सांसद का 2.35 करोड़ की निधि बची थी। वित्तीय वर्ष 2023-24 की निधि आने के बाद संतोष गंगवार की निधि 7.50 करोड़ और आंवला सांसद की 7.35 करोड़ निधि सुरक्षित है।

संतोष के 6.9 करोड़ के 95 प्रस्ताव
संतोष गंगवार ने 95 प्रस्ताव भेजे हैं, जिसमें शहर और कैंट क्षेत्र के साथ फतेहगंज पश्चिमी, भोजीपुरा, मीरगंज, नवाबगंज, भदपुरा और शेरगढ़ क्षेत्र में सड़क और सीसी रोड बनवाने के काम शामिल हैं। इसकी अनुमानित लागत करीब 6.90 करोड़ रुपये है।
धर्मेंद्र के 3.7 करोड़ के 45 प्रस्ताव

धर्मेंद्र कश्यप ने जाफराबाद, मझगवां, रामनगर, आलमपुर समेत कई इलाकों में खड़ंजा और सीसीरोड बनवाने के 45 प्रस्ताव भेजे हैं। इसकी अनुमानित लागत करीब 3.70 करोड़ रुपये बताई जा रही है। सांसदों की ओर से भेजे गए प्रस्तावों की जांच डीआरडीए के अफसर करा रहे हैं।

सांसदों के प्रस्ताव एस्टीमेट की जांच कर डीएम को भेजे जाएंगे। उनकी स्वीकृति के बाद टेंडर प्रक्रिया पूरी कर जल्द से जल्द विकास कार्य शुरू करा दिए जाएंगे। - तेजवंत सिंह, पीडी डीआरडीए

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