बरेली: एसएनसीयू में आग की घटना की जांच पूरी, डीएम को सौंपी रिपोर्ट

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

बरेली, अमृत विचार। जिला महिला अस्पताल के एसएनसीयू में आग लगने की घटना की जांच कर विद्युत सुरक्षा विभाग ने बृहस्पतिवार को अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी। इसमें हादसा होने के कई कारण गिनाए जाने की बात कही जा रही है। शुक्रवार से एसएनसीयू में फिर से बच्चों को भर्ती करना शुरू कर दिया जाएगा।

एसएनसीयू में 28 नवंबर की सुबह शॉर्ट सर्किट होने के बाद आग लग गई थी जिसके बाद यहां भर्ती 11 बच्चों को आननफानन बदायूं के राजकीय मेडिकल कॉलेज को रेफर किया गया था। इस दौरान एक बच्चे की मौत हो गई थी। डीएम रविंद्र कुमार ने विद्युत सुरक्षा विभाग को हादसे की जांच का आदेश दिया था। पिछले आठ दिनों में विद्युत सुरक्षा विभाग के अधिकारियों घटना से जुड़े कई पहलुओं पर जांच के बद डीएम को रिपोर्ट सौंप दी।

जांच रिपोर्ट का ब्योरा तो अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है लेकिन कहा जा रहा है कि एसएनसीयू और ओटी के बीच जिस कॉरिडोर में शॉर्ट सर्किट हुआ था, वहां कुछ ही दिन पहले पंखा टांगने के लिए ड्रिल मशीन से लिंटर में छेद किया गया था, आशंका जताई जा रही है कि इससे लिंटर के अंदर गुजर रही बिजली की केबिल क्षतिग्रस्त हो गई जिसकी वजह हादसा हुआ। हालांकि इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

जांच पूरी होने के बाद शुक्रवार से एसएनसीयू में बच्चों को फिर भर्ती करना शुरू कर दिया जाएगा। इससे पहले सीएमएस के निर्देश पर एसएनसीयू में देर रात तक बिजली और सफाई व्यवस्था दुरुस्त की गई।

अग्निकांड के लिए तत्कालीन ठेकेदार और तकनीकी स्टाफ जिम्मेदार
जांच टीम के मुताबिक महिला अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में शॉर्ट सर्किट से लगी आग के लिए तत्कालीन ठेकेदार और तकनीकी स्टाफ को भी जिम्मेदार माना गया है। विदयुत सुरक्षा निदेशालय की तरफ से जांच करने के बाद सभी तथ्य की रिपोर्ट बनाकर गुरुवार को जिलाधिकारी को सौंप दी गई है।

जांच पूरी करने के बाद रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी गई है। हादसे के कई कारणों को रिपोर्ट में शामिल किया गया है। अब जिलाधिकारी के स्तर से ही आगे कार्रवाई की जाएगी। - एके चौधरी, विदयुत सुरक्षा अधिकारी

एसएनसीयू बंद होने के कारण आई तकनीकी खामियों और सफाई को दुरुस्त कराया जा रहा है। बच्चों की भर्ती शुरू कर दी जाएगी। - डॉ. त्रिभुवन प्रसाद, सीएमएस महिला अस्पताल

ये भी पढे़ं- आईवीआरआई: बैक्टीरियोलॉजिकल प्रयोगशाला से एशिया का सर्वश्रेष्ठ पशु चिकित्सा संस्थान बनने का सफर

 

 

संबंधित समाचार