पीएम मोदी और भारतीय सेना के लिए आपत्तिजनक फेसबुक पोस्ट करने वाले के खिलाफ आरोप पत्र रद्द करने से हाईकोर्ट ने किया इनकार
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय सेना के खिलाफ सोशल मीडिया पर अपमानजनक पोस्ट साझा करने वाले आरोपी के खिलाफ दाखिल आरोप पत्र रद्द करने से इनकार कर दिया है। न्यायमूर्ति जे जे मुनीर की एकलपीठ ने साहिल मेहरा की याचिका पर विचार करते हुए कहा कि आरोपी द्वारा फेसबुक अकाउंट पर भारतीय सेना के खिलाफ अपमानजनक शब्द पोस्ट करने से सेना का मनोबल गिर सकता था।
इसके अलावा प्रधानमंत्री को भी अपमानजनक शब्दों द्वारा संबोधित किया गया है। ऐसी पोस्ट एक समुदाय के मन में दूसरे के खिलाफ असुरक्षा को बढ़ावा देती है। यह एक वर्ग को सार्वजनिक शांति और राज्य के खिलाफ अपराध करने के लिए प्रेरित कर सकते हैं। इसके लिए अधिक विस्तृत जांच की आवश्यकता है।
मालूम हो कि आरोपी के खिलाफ वर्ष 2019 में आईपीसी की धारा 505 और आईटी एक्ट की धारा 66 के तहत पुलिस स्टेशन कीरतपुर, जिला बिजनौर में प्राथमिकी दर्ज करवाई गई थी। कोर्ट ने केस डायरी की सामाग्री का अवलोकन करते हुए पाया कि कथित पोस्ट वास्तव में एक वर्ग या व्यक्तियों के समुदाय को अपराध के लिए उकसाने के इरादे से बनाई और प्रसारित की गई थी।
सीआरपीसी की धारा 482 के तहत आरोप पत्र को रद्द करने का अधिकार क्षेत्राधिकार से बाहर होने के कारण कोर्ट ने मामले को सुनवाई की अगली तिथि 14 दिसंबर 2023 को उचित पीठ के समक्ष सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया, साथ ही सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 66 के तहत लगाए गए आरोप के संबंध में विपक्षियों को नोटिस भी जारी किया।
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