गैंगस्टर एक्ट के तहत दर्ज मामले में यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय को हाईकोर्ट से नहीं मिली राहत
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गैंगस्टर एक्ट के तहत दर्ज मामले में यूपी कांग्रेस अध्यक्ष और पूर्व विधायक अजय राय को कोई राहत न देते हुए सीआरपीसी की धारा 482 के अंतर्गत दाखिल आवेदन को खारिज कर दिया। मालूम हो कि पूर्व विधायक ने थाना चेतगंज, वाराणसी में आईपीसी की विभिन्न धाराओं, आपराधिक कानून संशोधन अधिनियम की धारा 7 और यूपी गैंगस्टर तथा असामाजिक गतिविधियों (रोकथाम) अधिनियम की धारा 3 (1) के तहत चल रही कार्यवाही को रद्द करने के लिए एक आवेदन हाईकोर्ट में दायर किया था।
याचियों के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि याची निर्दोष हैं और उनके खिलाफ प्रथमदृष्टया कोई मामला नहीं बनता है।शिकायतकर्ता भानु प्रताप सिंह द्वारा केवल आईपीसी की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी, लेकिन जांच के दौरान पुलिस ने मनमाने ढंग से गैंगस्टर एक्ट की धारा जोड़ दी। सरकारी अधिवक्ता ने उपरोक्त तर्कों का विरोध करते हुए कहा कि याची गिरोह का सदस्य है और गिरोह चार्ट के उचित अनुमोदन के बाद वर्ष 2011 में आरोप पत्र प्रस्तुत किया गया है, जिससे यह सिद्ध होता है कि गैंगस्टर एक्ट की धारा के तहत आरोप पत्र प्रस्तुत करने में कोई अवैधता या विकृति नहीं है।
अब मामले की सुनवाई अंतिम चरण में है, जिसमें 9 गवाहों की गवाही हो चुकी है। वर्तमान आवेदन दाखिल करने में याचियों की ओर से लंबी और अनुचित देरी हुई है। अतः इस चरण में कार्यवाही को रद्द करना पूरी तरह से अवांछनीय है। अंत में न्यायमूर्ति राजवीर सिंह की एकलपीठ ने याचियों की ओर से उठाई गई एकमात्र आपत्ति पर कहा कि गैंगस्टर एक्ट के तहत किसी मामले में सूचना देने वाले का पुलिस अधिकारी होना जरूरी नहीं है।
मालूम हो कि याचियों ने तर्क दिया था कि एक निजी व्यक्ति द्वारा उक्त अधिनियम के प्रावधानों को किसी मामले की जांच के दौरान नहीं जोड़ा जा सकता है। उक्त अधिनियम के तहत मामले में शिकायतकर्ता को एक पुलिस अधिकारी होना चाहिए। अंत में कोर्ट ने निष्कर्ष निकला कि यह सही है कि आमतौर पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्यवाही पुलिस द्वारा ही शुरू की जाती है, लेकिन ऐसा कोई प्रावधान नहीं है जो जांच के दौरान उक्त अधिनियम की धारा 3(1) को जोड़ने से रोकता हो। अतः विवादित कार्यवाही को रद्द करने का कोई आधार नहीं बनता है।
यह भी पढ़ें:-कानपुर: रिटायर्ड आईपीएस विजय शंकर सिंह का दिल का दौरा पड़ने से निधन
