रुद्रपुर: संयुक्त सचिव ने की कोविड-19 के कार्यों की समीक्षा
रुद्रपुर, अमृत विचार। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय भारत सरकार की संयुक्त सचिव निधि मणि त्रिपाठी ने जिला प्रशासन के सभाकक्ष में कोविड-19 के कार्यों की समीक्षा बैठक ली। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि होम आइसोलेशन में रह रहे लोगों को कोविड-19 संक्रमण से बचाव के लिए मास्क डिस्पोजल, सोशल डिस्टेंसिंग आदि की पूरी जानकारी …
रुद्रपुर, अमृत विचार। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय भारत सरकार की संयुक्त सचिव निधि मणि त्रिपाठी ने जिला प्रशासन के सभाकक्ष में कोविड-19 के कार्यों की समीक्षा बैठक ली। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि होम आइसोलेशन में रह रहे लोगों को कोविड-19 संक्रमण से बचाव के लिए मास्क डिस्पोजल, सोशल डिस्टेंसिंग आदि की पूरी जानकारी दी।
जिलाधिकारी रंजना राजगुरु ने कोविड-19 के संक्रमण से जनपद के बचाव के लिए किये जा रहे कार्यों के बारे में बताते कहा कि अभी तक जनपद में आरटीपीसीआर से 78158, एन्टीजन टेस्ट से 221996 एवं ट्रू नेट के माध्यम से 4036 टेस्ट किये जा चुके हैं। साथ ही जनपद में रिकवरी रेट 80.7 प्रतिशत है। जनपद में एम्बुलेंस, ऑक्सीजन आदि की कोई समस्या नहीं है एवं आशा और एएनएम द्वारा 4 बार सर्वे किया जा चुका है और 5वीं बार क्षेत्र में सर्वे का कार्य किया जा रहा है।
उन्होंने बताया पूरे जनपद में अब खटीमा में मात्र 17 कंटेन्मेंट जोन ही बचे हैं। उन्होंने बताया जनपद में 68 प्रतिशत मरीज होम आइसोलेशन में रह रहे हैं। इन मरीजों की देखभाल के लिए आशाओं की समिति गठित की गई है जो कम से कम दिन में 3 बार उनके जांच के लिए जाती हैं।
जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद के अधिकांश क्षेत्रों में आम जनता के अंदर सैम्पलिंग लेने को लेकर कई प्रकार की भ्रांतियां थीं जिसे संयुक्त मजिस्ट्रेट एवं अन्य अधिकारियों द्वारा मौके पर जाकर जनता को समझाने का प्रयास किया गया जिसके बाद अब सैम्पलिंग आसानी से हो रही है। जनपद में एक कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है जो 24×7 की सेवा दे रहा है। जिससे पूरे जनपद की स्थिति की जानकारी रखी जा रही है और कंट्रोल रूम का नम्बर समय समय जनहित में जारी किया जाता है जिससे मरीजों व उनके परिजनों को किसी भी प्रकार की समस्या हो तो वह तुरन्त कन्ट्रोल रूम में सम्पर्क कर सकते हैं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के पास दवाईयां, मास्क, पीपीई किट आदि सभी प्रकार के इक्यूपमेंट पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। ऋषिकेश में स्थित एम्स के आरएम डॉ. गिरीश सिन्धवानी ने कहा कि मधुमेह रोगियों पर विशेष रूप से ध्यान देने की आवश्यकता है, इन रोगियों को ही सबसे ज्यादा कोविड-19 का खतरा बना रहता है।
इस दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डी. एस. कुंवर, मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु खुराना, अपर जिलाधिकारी जगदीश चंद्र काण्डपाल, अपर जिलाधिकारी उत्तम सिंह चौहान, कुमाऊं के स्वस्थ निदेशक डॉ. शैलजा भट्ट, संयुक्त मजिस्ट्रेट विशाल मिश्रा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डी. एस. पंचपाल, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अविनाश खन्ना, अपर पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार, जिला विकास प्राधिकरण के सचिव पंकज उपाध्याय डॉ. मनु खन्ना आदि मौजूद थे।
